बाघ गणना:प्रस्तावित डाॅ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य में मिले तेंदुआ व भालू के पगमार्क

सागरएक महीने पहले
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भालू और तेंदूए के पगमार्क। - Dainik Bhaskar
भालू और तेंदूए के पगमार्क।
  • उत्तर वन मंडल में पूरी हुई गणना, कई वन्य जीवाें​​​​​​​ की ​​​​​​​माैजूदगी के प्रमाण मिले

सागर के जंगलाें में बाघ गणना चल रही है। इसमें बाघ के अलावा अन्य वन्य जीवाें की उपस्थिति के प्रमाण खाेजे जा रहे हैं। जिले के प्रस्तावित एक और अभयारण्य डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जंगलाें में तेंदुआ व भालू के पगमार्क मिले हैं। उत्तर वन मंडल की सभी 6 रेंजाें में वन्य जीवाें की गणना हाे चुकी हैं। एक काे छाेड़ शेष 5 में तेंदुआ व भालू की माैजूदगी पाई गई है। नाैरादेही के बाद डाॅ. अंबेडकर अभयारण्य में वन्य जीवाें के संरक्षण के साथ टूरिज्म काे भी बढ़ावा मिलेगा। हाल ही में केंद्र से डाॅ. अंबेडकर अभयारण्य काे मंजूरी मिल गई है।

4 साल पहले पन्ना से बाघ आ चुका है यहां

शाहगढ़, बंडा के जंगलाें में पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघाें का मूवमेंट रहा है। यहां 2017 में बाघ आया था। इसके बाद से बाघ के पगमार्क नहीं मिले। यहां काफी घना जंगल हाेने के साथ ही पानी के प्राकृतिक स्त्राेत नदी, पाेखर हैं। डाॅ. अंबेडकर अभयारण्य के अस्तित्व में आने के बाद जिले में टूरिज्म बढ़ सकता है। अभी नाैरादेही में बाघ- बाघिन और इनका कुनबा बढ़ने से यहां जंगल सफारी शुरू की गई है।

ये वन्य जीव भी मिले जंगल में

नार्थ डीएफओ बेनीप्रसाद तेवतिया ने बताया कि मालथाैन, खुरई व शाहगढ़ के जंगलाें में तेंदुआ व भालू के पगमार्क व उनका मल मिला है। अब फाइनल सर्वे डब्ल्यूआईआई देहरादून की टीम करेगी। तेंदुआ व भालू के अलावा सियार, लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, नीलगाय, चीतल, चिंकारा, सांभर, खरगाेश, साेन कुत्ता, माेर, जंगली सुअर भी यहां पाए गए हैं।

शाहगढ़ की 22 में से 12 बीटाें में तेंदुओं के पगमार्क

प्रस्तावित डाॅ. अंबेडकर अभयारण्य में शाहगढ़ रेंज का बड़ा एरिया शामिल है। अच्छी बात यह है कि बाघ गणना के दाैरान रेंज की 22 बीटाें में से 12 में तेंदुआ व भालू के पगमार्क मिले हैं। तेंदुआ कई बार पेड़ पर भी चढ़ जाता है। जिससे वह गिनती में नहीं आ पाता। शाहगढ़ रेंजर अंजू वर्मा ने बताया कि नए अभयारण्य में तेंदुआ व भालू की माैजूदगी अच्छे संकेत हैं। यहां कई और वन्य जीव हैं। इनमें तेंदुओं की अच्छी खासी तादाद का अनुमान है। इनके संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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