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  • Reaction Caused By Injection Of Amphoteresin B To 33 Patients Of Black Fungus, Ban On Use, Sent 251 Injections Back To Bhopal

इंजेक्शन से रिएक्शन:ब्लैक फंगस के 27 मरीजों को एम्फोटेरेसिन-बी के इंजेक्शन लगाने से हुआ रिएक्शन, इस्तेमाल पर लगाई रोक, 251 इंजेक्शन भोपाल वापस भेजे

सागर3 महीने पहले
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ये इंजेक्शन लगने से बिगड़ी थी मरीजों की तबीयत।  - Dainik Bhaskar
ये इंजेक्शन लगने से बिगड़ी थी मरीजों की तबीयत। 

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए शासन से एम्फोटेरेसिन-बी के इंजेक्शन भेजे गए। डॉक्टर्स ने यह इंजेक्शन 33 मरीजों को लगाए। इसके बाद इंजेक्शन ने रिएक्शन किया और 27 मरीजों को उल्टी, ठंड और घबराहट होने लगी। रिएक्शन देख डॉक्टरों ने तुरंत ब्लैक फंगस की वैकल्पिक दवाएं मरीजों को दी। इससे सभी मरीजों की हालत में सुधार है। वहीं एम्फोटेरेसिन-बी के इंजेक्शन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी।

इंजेक्शन के रिएक्शन का मामला सामने आते ही रविवार को भोपाल से मरीजों के लिए टेबलेट भेजी गईं। लेकिन टेबलेट की स्ट्रिप भी पिछली बार भेजी गईं स्ट्रिप से अलग थीं, जिसके कारण डॉक्टरों को एक बार फिर रिएक्शन होने की आंशका हुई और उन्होंने मरीजों को टेबलेट देने से मना कर दिया। इस समय बीएमसी में ब्लैक फंगस के 42 मरीज भर्ती हैं।

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33 मरीजों पर 99 इंजेक्शन हुए इस्तेमाल, शासन स्तर पर होगी कार्रवाई
ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए शासन से एम्फोटेरेसिन-बी के करीब 350 इंजेक्शन सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे। इन इंजेक्शन का बेंच नंबर GPGI 21113 है। इंजेक्शन के आने पर ब्लैक फंगस के 33 मरीजों की ड्रिप में 3-3 इंजेक्शन डाले गए। कुल 99 इंजेक्शन इस्तेमाल हुए। इंजेक्शन का रिएक्शन सामने आते ही इनके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। शेष बचे 251 इंजेक्शन को अधीक्षक कार्यालय में जमा कराया गया। यह इंजेक्शन भोपाल वापस भेजे जा रहे हैं।

वार्ड में ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज करते डॉक्टर।
वार्ड में ब्लैक फंगस मरीजों का इलाज करते डॉक्टर।

यहां बता दें इसके पहले ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए शासन स्तर से लिपोसोमल एम्फोटेरेशिन-बी इंजेक्शन दिए जा रहे थे। जिनकी कीमत करीब 7 हजार रुपए थी। लेकिन इस बार आए नए लॉट में इंजेक्शन बदलकर मिले। ये इंजेक्शन एम्फोटेरेशिन-बी तो थे। मगर इनमें लिपोसोमल शामिल नहीं था। इस इंजेक्शन की कीमत 324 रुपए है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सस्ती कीमत के इंजेक्शन खरीदकर शासन मरीजों की जान जोखिम में डाल रहा है।

बीएमसी के डीन डॉ. आरएस वर्मा ने कहा कि ब्लैक फंगस इंजेक्शन के रिएक्शन के मामले की जानकारी शासन को दे दी है। इंजेक्शन वापस भेजे जाएंगे। आगे की कार्रवाई भोपाल स्तर से ही होगी।

पहले ये इंजेक्शन लगाया जाता था।
पहले ये इंजेक्शन लगाया जाता था।
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