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  • Registration Number Of Three Groups Is Fake, Yet Nutrition Food Is Being Distributed In 27 Anganwadis, Payment Of Rs 2 Lakh Is Being Done Every Month

एक ही समूह का निगम में रजिस्ट्रेशन नंबर अलग:तीन समूह का रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी, फिर भी 27 आंगनबाड़ियों में बांट रहे पोषण आहार, हर माह 2 लाख रुपए का हो रहा भुगतान

सागर6 दिन पहले
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आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण ठेके में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तीन महिला स्व-सहायता समूह फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर पर लाखों रुपए का ठेका लेकर आंगनबाड़ियों में पोषण आहार बांट रहे हैं और महिला बाल विकास के अधिकारी इन फर्जी समूहों को हर माह लाखों रुपए का भुगतान कर रहे हैं।

इस फर्जीवाड़े में बड़ी गलती महिला बाल विकास के अधिकारियों की सामने आई है। उन्होंने इन समूह को ठेका देने से पहले इनके दस्तावेजों का सत्यापन क्यों नहीं कराया? समूह द्वारा जो दस्तावेज पेश किए गए उन्हें सही क्यों माना गया? इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा आरटीआई में मिले दस्तावेजों से हुआ है। जिसमें समूह के अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज हैं।

नगर निगम से नहीं हुआ समूह के रजिस्ट्रेशन नंबर का मिलान

महिला स्व-सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन नगर निगम में होता है। महिला बाल विकास ने जिन दस्तावेजों के आधार पर तीन समूह को 27 आंगनवाड़ियों में आहार बांटने का ठेका दिया है। उन दस्तावेजों का मिलान नगर निगम में रजिस्टर्ड समूह के दस्तावेजों से किया गया तो इनके रजिस्ट्रेशन नंबर अलग-अलग मिले। तीनों समूह के महिला बाल विकास में रजिस्ट्रेशन नंबर कुछ और दर्ज है तो वहीं नगर निगम में कुछ और दर्ज है।

बैंक खातों की नहीं दी जानकारी

इन तीन फर्जी समूह को महिला बाल विकास किन बैंक खातों में भुगतान कररहा है? इसकी जानकारी आवेदक शारदा विश्वकर्मा ने आरटीआई में मांगी लेकिन अधिकारियों ने जानकारी देने से इंकार कर दिया।

कलेक्टर से की जांच कराने की मांग

शारदा विश्वकर्मा ने बताया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर दीपक आर्य से की है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि पोषण आहार वितरण का भुगतान निजी खातों में किया जा रहा है जबकि भुगतान समूह के खाते में किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर लिए गए ठेकों की जांच कराई जाए और शासन के पैसों की वसूली की जाए। जिन्होंने ये फर्जीवाड़ा किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

हमसे वेरिफिकेशन नहीं कराया

यदि ऐसा कोई मामला हमारे सामने आएगा तो हम जांच कराएंगे। हमारे यहां जो भी समूह रजिस्टर्ड होता है। उसका रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम से जनरेट होता है। उसमें कोई छेड़छाड़ करता है तो यह गलत है। महिला बाल विकास ने किसी भी समूह को काम देने से पहले उसके रजिस्ट्रेशन का वेरिफिकेशन हमसे कभी नहीं कराया। - सचिन मसीह, स्व-सहायता समूह प्रभारी, नगर निगम

दस्तावेज दीजिए हम जांच करा लेते हैं

महिला स्व-सहायता समूह को पोषण आहार वितरण का कार्य देने के पहले उनके दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराते। यदि आपके पास पोषण आहार वितरण का ठेका फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिए जाने के सबूत हैं तो आप वह दस्तावेज मुझे उपलब्ध कराएं। मैं जांच करा लेती हूं।- रचना बुधौलिया, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी

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