• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • Sagar Has The Least Pollution On Deepawali As Compared To 12 Cities, Due To Humidity In The Season

स्वच्छ साफ दीपावली:12 शहरों की अपेक्षा सागर में दीपावली पर सबसे कम प्रदूषण, कारण- मौसम में नमी

सागरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
देवास, उज्जैन, रतलाम, सतना और सिंगरौली से सागर की हवा साफ। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
देवास, उज्जैन, रतलाम, सतना और सिंगरौली से सागर की हवा साफ। -फाइल फोटो

कोरोना कर्फ्यू के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर काफी कम रहा, जो दीपावली पर अचानक बढ़ जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। शहरों की वायु गुणवत्ता को लेकर की जा रही लाइव मॉनीटरिंग में दीपावली की रात सागर शहर मप्र के अन्य शहरों के मुकाबले सबसे कम प्रदूषण रिकॉर्ड में लिया गया है। अभी शहर में (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 50 से नीचे बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि नमी के बढ़े होने से यह स्थिति बनी हुई है। वहीं हरियाली भी इसका एक कारण है।

दरअसल, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड प्रदूषण को धूल के छोटे और बड़े कणों समेत अन्य गैसों के प्रभाव से उसका आंकलन करते हैं। जबकि मौसम में नमी बढ़ने से धूल ज्यादा समय तक प्रभावशील नहीं रहती। सागर शहर में प्रदूषण (एयर क्वालिटी इंडेक्स) अप्रैल से ही स्थिर बना हुआ है। जनवरी में एक्यूआई 80 से 100 के बीच रहता था, जो अभी भी 50 से नीचे ही रिकॉर्ड में लिया जा रहा है।

यानी हवा की गुणवत्ता कोरोना कर्फ्यू में मिली ढील और दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद भी कम है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड धूल के कण, नाइट्रोजन डाइक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कॉर्बन मोनोक्साइड के अलग-अलग लेवल की जांच कर एयर क्वालिटी इंडेक्स निकालता है। शहर में दीपावली की रात एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 40 से 46 के बीच दर्ज किया गया है।

शोर में हुआ इजाफा
एक ओर प्रदूषण कम है। लेकिन पटाखों की वजह से ध्वनि प्रदूषण में इजाफा हुआ है। दीपावली के समय ध्वनि का लेवल 70 से 75 के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो पहले 50 डेसीबल से काफी कम था।

खबरें और भी हैं...