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72 घंटे तक की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य:25 अक्टूबर से विद्यार्थियों के लिए खुलेगा सागर विश्वविद्यालय, पहले चरण में पीएचडी और पीजी की लगेंगी कक्षाएं

सागर2 महीने पहले
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पहले चरण में पीएचडी और पीजी की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। - Dainik Bhaskar
पहले चरण में पीएचडी और पीजी की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
  • 18 माह बाद लगेंगी ऑफलाइन क्लास, परीक्षा पर असमंजस

करीब डेढ़ साल के लंबे अंतराल के बाद विद्यार्थियों के लिए डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय 25 अक्टूबर से खोला जाएगा। इस संबंध में सागर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संतोष सोहगौरा ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। पहले चरण में पीएचडी और पीजी की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों के कैंपस में प्रवेश को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एसओपी भी जारी की है, जिसमें वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के साथ 72 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट, अभिभावकों की अनुमति और विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर का स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है।

विश्वविद्यालय में कक्षाओं से लेकर हॉस्टल तक में प्रवेश इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मिलेगा। इसके अलावा थर्मल स्क्रीनिंग, स्वच्छता, नियमित सैनेटाइजर का इस्तेमाल, लैब में काम करने संबंधी सावधानियां, विभिन्न परिसरों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क के उपयोग, खान-पान की वस्तुओं आदि के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। हालांकि गाइडलाइन में परीक्षा और ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में बहुत-सी बातें स्पष्ट न होने के कारण विद्यार्थी असमंजस में हैं।

ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य

  • सभी छात्रों के पास कम से कम एक डोज के कोविड वैक्सीनेशन का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
  • विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट होना जरूरी है।
  • विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है।
  • ऑफलाइन कक्षाओं के लिए अभिभावक का सहमति घोषणा-पत्र होना चाहिए।
  • इन सभी दस्तावेजों की प्रतियां संबंधित विभाग में जमा करनी होंगी
  • हॉस्टल में रहने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को इन दस्तावेजों की एक प्रति संबंधित वार्डन के पास भी जमा करना होगी।
  • हॉस्टल में प्रवेश सीटों की उपलब्धता और प्रचलित नियमानुसार दिया जाएगा।

विद्यार्थियों के यह हैं सवाल

  • दस्तावेज न होने पर जिन विद्यार्थियों को कक्षाओं में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, उनके लिए क्या ऑनलाइन क्लासेज भी रहेंगी।
  • इस बार परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित होंगी या ऑफलाइन।
  • हॉस्टल में प्रवेश की प्रक्रिया क्या होगी।

शोध छात्राओं को हॉस्टल में प्रवेश की नहीं मिली अनुमति

केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार जिन पीएचडी छात्र-छात्राओं का लैब वर्क रहता है, उन्हेें पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने लैब आकर काम करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन छात्रावास में अलॉटमेंट के संबंध में अब तक कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। जिसके चलते शोध विद्यार्थी परेशान हैं।

जिन पीएचडी छात्राओं को वर्ष 2019-2020 की शुरुआत में हॉस्टल नहीं मिल पाया, अब वे कक्ष खाली होने के बावजूद भी परेशान हो रहे हैं। कई छात्र-छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पीएचडी में होने वाले खर्चे के साथ बाहर रहना वहन नहीं कर पा रहे हैं। डिपार्टमेंट को मिलने वाली केमिकल एवं रिसर्च ग्रांट भी कोरोना का हवाला देकर प्रशासन द्वारा नहीं दी जा रही।

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