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  • Samples will be taken even if there are no symptoms in the first contact, 3 new medicines are included in the treatment

कोरोना की नई गाइडलाइन / फर्स्ट कॉन्टेक्ट वालों में लक्षण नहीं भी हों तब भी लिया जाएगा सैंपल, उपचार में 3 नई दवाएं शामिल

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  • कोविड टेस्ट के नाम पर ऑपरेशन लंबित नहीं रखा जाए

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

सागर. राज्य सरकार ने कोविड-19 के उपचार की नई गाइडलाइन-5 जारी कर दी है। इसमें मुख्य रूप से तीन नई दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। साथ ही कोविड के लक्षणों में स्वाद एवं सूंघने में अक्षम होने, को भी शामिल कर लिया है। इसके अलावा नई गाइडलाइन में सबसे बड़ा निर्णय ये लिया गया है कि कोरोना पॉजिटिव के हाई रिस्क ग्रुप, में अगर कोई व्यक्ति ए सिम्प्टोमेटिक (किसी भी तरह लक्षण प्रदर्शित नहीं करना) भी है। तब भी उसकी सेम्पिलिंग 5-10 दिन में करा ली जाए।

यह अवधि संबंधित व्यक्ति के पॉजिटिव होने की पुष्टि से गिनी जाएगी। जबकि हाई रिस्क में वे व्यक्ति शामिल होंगे। जो पॉजिटिव व्यक्ति से 3 फीट की दूरी में करीब 15 मिनट रहे हों। बता दें कि पूर्व की गाइडलाइंस में ए सिम्प्टोमेटिक मरीजों के सेम्पिल लेना पाबंद किया गया था। लेकिन अब यह हटा लिया गया है। इसके अलावा नई गाइडलाइन मेें ये नए प्रावधान किए गए हैं। 
 संशोधित गाइडलाइन के अनुसार कोरोना संदिग्ध का अगर कोई जरूरी ऑपरेशन है तो उसे रिपोर्ट आने के  इंतजार में नहीं रोका जाए। यह नियम अन्य रेडियो व डायग्नोसिस जांचों पर भी लागू होगा।  

  •  अगर किसी व्यक्ति की सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता लुप्त हाे रही है तो उसे भी कोविड के लक्षण माना जाए।
  •  छोटे बच्चों के मामले में यह परीक्षण चॉकलेट, पसंदीदा मिल्क फ्लेवर या अन्य परिचित सुंगधों के जरिए किया जाए।
  •  कंटेनमेंट क्षेत्र में रहने वाले वृद्ध, जिन्हें लंबे समय से बीमारियां हैं, उनका उचित परीक्षण कर आईसीएमआर के अनुसार उपचार करें।
  •  संवेदनशील समूह जैसे कीमोथैरिपी के रोगी, एचआईवी, कैंसर, ट्रांसप्लांट राेगियों में अगर लक्षण नहीं भी हैं तब भी कोविड की रेपिड एंटीजन टेस्टिंग कराई जाए।  
  •  माता-पिता दोनों के पॉजिटिव होने पर उनमें से कम लक्षण वाले अभिभावक यानी माता या पिता में से किसी एक के साथ घर पर ही आइसोलेट किया जाए।  
  •  अगर ऐसा करना संभव नहीं है तो बच्चों को पृथक आइसोलेशन  कक्ष में कम लक्षण वाले माता या पिता के साथ रखा जाए।  
  •  शासन ने नई दवाओं के रूप में रेमदेसीविर, फेविपिराविर, टोक्लिजुमॉब को शामिल किया है।  Áतीनों नई दवाओं को डॉक्टर्स की कमेटी से विमर्श के बाद ही मरीज काे दिया जाए।

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