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पिछले साल से 856 टन खाद ज्यादा बांटा:नवंबर के लिए 14 हजार टन की भेजी डिमांड, पर अभी तक नहीं आई एक भी रैक, सोमवार के बाद ही हो पाएगा वितरण

सागरएक महीने पहले
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किसानों को जिले में खाद की नई रैक आने का बेसब्री से इंतजार है। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
किसानों को जिले में खाद की नई रैक आने का बेसब्री से इंतजार है। फाइल फोटो

पिछले रबी सीजन की तुलना में इस वर्ष अब तक 856 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी किसानों को अभी और खाद की जरूरत है। जिसकी पूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। पिछले वर्ष अक्टूबर में 12 हजार 688 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया था। इस वर्ष 13 हजार 544 मीट्रिक टन खाद का वितरण अक्टूबर में किया जा चुका है।

जो पिछले वर्ष की तुलना में 7% अधिक है। इसके बाद भी किसानों को जिले में खाद की नई रैक आने का बेसब्री से इंतजार है। नवम्बर माह में अब तक खाद की एक भी रैक नहीं आई है। अधिकारियों की माने तो एक दो दिन में नई रैक आ भी जाती है। तो पीओएस में एंट्री होने के बाद उसका वितरण सोमवार के बाद ही हो सकेगा।

डीएपी का स्टॉक न होने से यूरिया व एनपीके की खपत बढ़ी : इस वर्ष अक्टूबर माह में जिले में डीएपी का पर्याप्त स्टॉक न होने से यूरिया व एनपीके की खपत पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ गई है। पिछले वर्ष किसानों को 8 हजार 110 मीट्रिक टन डीएपी, 4 हजार 483 मीट्रिक टन यूरिया व 94.4 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण किया गया था।
इस वर्ष किसानों को अब तक 6 हजार 916 मीट्रिक टन डीएपी, 5 हजार 770 मीट्रिक टन यूरिया व 858 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण किया जा चुका है। डीएपी का पिछले वर्ष से 1194 मीट्रिक टन कम वितरण हुआ है। तो वहीं यूरिया का 1287 मीट्रिक टन और एनपीके का 764 मीट्रिक टन अतिरिक्त वितरण किया जा चुका है।

नवंबर में 9 हजार टन यूरिया व 5 हजार टन डीएपी की पड़ेगी जरूरत
जिला विपणन अधिकारी प्रकाश परोहा ने बताया कि रबी सीजन के लिए हर माह की जरूरत के हिसाब से खाद की डिमांड भेजते हैं। नवंबर माह के लिए 14 हजार मीट्रिक टन खाद की डिमांड भेजी है। इसमें 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया व 5 हजार मीट्रिक टन डीएपी शामिल है। अक्टूबर में खाद की किल्लत को देखते हुए करीब 500 मीट्रिक टन खाद की डिमांड को नवम्बर के लिए बढ़ा दिया है। तो वहीं सोसाइटियों के लिए भेजी गई डिमांड अलग है।

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