और ये है मौतों का गणित / अब तक कोरोना से 3 मौतें, सभी की उम्र 50 से ज्यादा, तीनों ने रिपोर्ट आने से पहले दम तोड़ा

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दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

सागर. शहर में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा शनिवार शाम तक 69 पर पहुंच चुका है। इसमें तीन पॉजिटिव मरीजों की मौत भी शामिल है। तीनों मौत के आंकड़ों और स्थितियों का विशलेषण करें तो सभी की उम्र 50 वर्ष से ऊपर है।
सभी मामलों में दो दिन पहले तक मरीज केवल सर्दी-खांसी से पीड़ित थे, लेकिन इन्होंने इसे नजर अंदाज कर या लोकल डॉक्टर को दिखाकर कोरोना की जांच में लेटलतीफी दिखाई।
जिसके बाद अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ बढ़ी और जब तक उनकी सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तब तक मरीजों ने दम तोड़ दिया। इन तीनों मामलों से साफ तौर पर जाहिर होता है कि हाईरिस्क मरीजोें के लिए कोरोना इतना खतरनाक हो सकता है कि थोड़ी-सी अनदेखी जान तक ले सकती है।   
बाहर नहीं दिखा, लेकिन अंदर ही अंदर बढ़ता रहा संक्रमण: कोरोना अस्पताल के इंचार्ज और मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. रमेश पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक हुई मौतों में यह देखा गया है कि व्यक्ति कोरोना ग्रस्त होने के बाद भी कई दिनों तक सामान्य नजर आता है। सर्दी-खांसी के लक्षण दिखते हैं, लेकिन इससे कोई ज्यादा परेशानी नहीं होने के कारण लोग इसे नजर अंदाज कर देते हैं और धीरे-धीरे यह संक्रमण फेफड़ों और रक्तवाहिनियों में फैलता जाता है। जिसके अंतिम चरण में संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने की परेशानी होती है।  
अब तक हुईं मौत के तीनों केस
केस-1 बीना निवासी 54 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव की मौत 7 मई को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुई थी। मौत से करीब एक सप्ताह पहले तक वे बीना के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में पथरी का इलाज कराते रहे। भोपाल हमीदिया में कोरोना के लक्षण देखकर डॉक्टरों ने उनकी सैंपलिंग कराई, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।  
केस-2 सदर वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद की 19 मई को बीएमसी में इलाज के दौरान मौत हुई। 4 दिन पहले तक वे लोगों से मिल रहे थे। दो दिन तक भगवानगंज के प्राइवेट डॉक्टर ने उनका इलाज किया। लेकिन 18 मई को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उन्हें बीएमसी के कैजुअल्टी वार्ड वेटिंलेटर पर रखा गया। पार्षद की जब तक पॉजिटिव रिपोर्ट आई, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। 
केस- 3  वल्लभ नगर के 62 वर्षीय बुजुर्ग की मौत 22 मई को हुई। 3 दिन पहले इन्हें हल्की सर्दी-खांसी की शिकायत थी, वे अपने रूटीन कामों में लगे रहे। दो दिन पहले अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उन्हें बीएमसी के कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन 22 मई को जब तक उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

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