पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • Stock Of 40 Tons Of Oxygen In Both Plants, Supplies To Three Districts In The Emergency From Sagar

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सागर में सांसों का संकट खत्म करने का युद्ध:दोनों प्लांट में 40 टन ऑक्सीजन का स्टॉक, इमरजेंसी में तीन जिलों को सागर से हो रही सप्लाई

सागर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 7 दिन पहले अस्पतालों में दो घंटे की बची थी ऑक्सीजन
  • पिछले एक हफ्ते में लगातार भेजी डिमांड, 150 से 200 किमी तक मॉनीटरिंग, दिन-रात जागकर खाली कराए टैंकर

करीब एक सप्ताह पहले हालात यह थे कि निजी अस्पतालों में सिर्फ दो घंटे की ऑक्सीजन बची थी। अब जिले में 40 टन लिक्विड ऑक्सीजन का स्टॉक है। ऑक्सीजन संकट के बाद अधिकारियों ने भोपाल लगातार डिमांड भेजी, 150 से 200 किलोमीटर के दायरे में कलेक्टर दीपक सिंह के निर्देशन में टैंकर की लगातार मॉनीटरिंग की और सामने खड़े होकर टैंकर खाली कराए। अब स्थिति यह है कि एक दिन पहले ही चनाटौरिया व बीएमसी प्लांट फुल किए गए हैं। 500 से 600 सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई किए जा रहे हैं।

उत्तरप्रदेश बॉर्डर व भोपाल तक की मॉनीटरिंग
इधर छतरपुर के आगे यूपी बॉर्डर तो दूसरी तरफ राजधानी भोपाल तक ऑक्सीजन टैंकर की लगातार मॉनीटरिंग की गई। जब ऑक्सीजन की किल्लत ज्यादा हुई तब तीन सदस्यीय टीम टैंकर लाने भोपाल रवाना की गई। रास्ते में टैंकर न रुके और समय से पहले सागर पहुंचे। इसके लिए टीम के सदस्य एक दूसरी गाड़ी से रास्ते भर टैंकर के साथ चलते थे। तो वहीं यूपी से आने वाले टैंकर को एमपी-यूपी बॉर्डर से लेने पुलिस टीम भेजी गई।

यूपी में टैंकर रोका तो सीएम के दखल से छुड़वाया
झारखंड के बोकारो से 14 टन ऑक्सीजन लेकर सागर आ रहे टैंकर को 26 अप्रैल को उत्तरप्रदेश में झांसी के पास रोक लिया गया। यूपी के अधिकारी पुलिस की मदद से इस टैंकर झांसी में खाली कराना चाह रहे थे। सागर में अधिकारियों को जैसे ही यह पता चला तो उन्होंने पहले जिले के मंत्रियों और फिर मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचाई। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पहले यूपी के अधिकारियों से और फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर टैंकर को उनके कब्जे से छुड़वाया।

टैंकर अलॉट होने के बाद भी बदल जाती है लोकेशन
जिले में ऑक्सीजन की रोज की डिमांड भोपाल भेज दी गई है। वहां से डिमांड के मुताबिक सागर के लिए टैंकर नंबर व ड्राइवर का मोबाइल नंबर जारी होता है। अधिकारियों ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ कि टैंकर सागर के लिए अलॉट हो गया, लेकिन इमरजेंसी में दूसरे जिले डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद सागर के लिए फिर नया टैंकर नंबर जारी हुआ। तो नए चालक से फिर समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया शुरू से करनी पड़ती है।

टैंकर के दो जगह खाली होने में लगते हैं 5 से 6 घंटे

  • सागर आने वाले ऑक्सीजन टैंकर की लोकेशन जिला पंचायत अधिकारी, पुलिस व आरटीओ की टीम ड्राइवर को फोन कर लगातार लेती रहती है।
  • सागर पहुंचने के बाद टैंकर का तौल होता है। फिर उसे बीएमसी के प्लांट में खाली कराया जाता है। इसके बाद फिर तौल होता है और टैंकर को चना-टौरिया प्लांट रवाना किया जाता है।
  • चनाटौरिया प्लांट में खाली होने के बाद फिर टैंकर का तौल होता है और इसके बाद ड्राइवर को खाना खिलाकर एक-दो घंटे के आराम के बाद रवाना कर दिया जाता है।

इस तरह समझें किसकी क्या जिम्मेदारी?

डिमांड और अलॉटमेंट पर नजर रखना
जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले 20 दिन से लगातार डिमांड के मुताबिक ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में जुटे हैं। वे भोपाल मांग भेजने से लेकर अन्य राज्यों के भिलाई, बोकारो, राउरकेला सहित अन्य स्थानों पर प्लांट के अधिकारियों से संपर्क कर ऑक्सीजन के टैंकर जल्द से जल्द सागर मांगवा रहे हैं। जिले में भी निजी और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म न हो पाए इसके पहले वहां ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं। मांग व सप्लाई पर दिन-रात पूरी नजर रखे हुए हैं।

ऑक्सीजन टैंकर ड्राइवर के संपर्क में रहते हैं

जिला पंचायत में पदस्थ परियोजना अधिकारी उदय गौतम शहर में आने वाले ऑक्सीजन टैंकर को फॉलो करते हैं। वे टैंकर ड्राइवर से संपर्क में रहते हैं। टैंकर या अन्य स्थानों से सिलेंडर आने पर पुलिस कंट्रोल रूम सूचना देते हैं। मालथौन तहसीलदार सतीश वर्मा 20 दिन से गौरी गैस प्लांट पर ड्यूटी कर रहे हैं। प्लांट के अधिग्रहण से लेकर अब तक वे दिन-रात वहां से होने वाली ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था संभाले हुए हैं। प्रतिदिन प्लांट से निजी व सरकारी अस्पतालों को दिए जाने वाले सिलेंडर का रिकार्ड रखते हैं।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय कड़ी मेहनत और परीक्षा का है। परंतु फिर भी बदलते परिवेश की वजह से आपने जो कुछ नीतियां बनाई है उनमें सफलता अवश्य मिलेगी। कुछ समय आत्म केंद्रित होकर चिंतन में लगाएं, आपको अपने कई सवालों के उत...

    और पढ़ें