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सकारात्मकता की नई दिशा पर कार्यक्रम:जिस दिन हम संकल्प कर लेंगे उसी दिन हमारे व्यसन छूट जाएंगे, आध्यात्मिक शक्ति से बुराइयों को छोड़ें

सागर16 दिन पहले
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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में शुक्रवार को गौरझामर में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत युवाओं को सकारात्मकता की नई दिशा देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें नगर के जेनिथ कॉन्वेंट स्कूल, गवर्मेंट गर्ल्स स्कूल, शासकीय बालक उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के एक हजार से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया।

गौरझामर की संचालक ब्रह्मकुमारी लक्ष्मी दीदी ने बताया कि यह विद्यालय अपने नैतिक मूल्यों के कारण ही विश्व मे जाना जाता है। यहां हम आत्मा के गुणों से जुड़ कर अपना जीवन सकारात्मक बनाते हैं और मेडिटेशन मतलब अपने गुणों से जब हम जुड़ जाते हैं तो हर कार्य सहज हो जाता है। आत्मा में शक्ति आती है और जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त करना भी सरल हो जाता है।

इस आयोजन में आत्मा के गुण, लक्ष्य की प्राप्ति, व्यसन से मुक्त रहकर जीवन को सुखी बनाना आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मालथौन से आईं ब्रह्मकुमारी दीपिका दीदी ने बताया कि जैसे संगीत में 7 स्वर होते हैं वैसे ही हमारे जीवन में मां सरस्वती सात गुणों की सरगम डालती हैं।

सच्चाई, रमणीकता, गंभीरता, मधुरता, पवित्रता, धैर्यता, नम्रता, साहस जब इन सात गुणों का हमारे विद्यार्थी जीवन में समावेश होता है तो हमारे जीवन में सकारात्मकता आती है। राहतगढ से आईं ब्रह्मकुमारी नीलम दीदी ने बताया कि ध्यान का अर्थ क्या होता है। बार-बार यह क्यों कहा जाता है ध्यान से सुनो, ध्यान से देखो। ध्यान का अर्थ होता है जब हमारी अंतर मन का ऑडिओ-वीडियो चालू हो।

वीडियो मतलब आंखे और ऑडियो मतलब कान और तीसरा चेहरे के भाव जब तीनों जागृत हो तो हमें कोई भी बात सही तरीके से याद हो सकती है। जैसे हमें कई फिल्में याद रहती हैं, कई नाटक याद रहते हैं, कई बातें याद रहती हैं तो हमे पढ़ाई क्यों याद नही रह सकती। इसलिए हमे किसी भी बात को समझने के लिए अपनी आंखें और कानों को खुला रखना होगा।

आत्मा में शक्ति कम होने के कारण व्यसनों में फंस जाते हैं
सागर से आए ब्रह्मकुमार पीयूष भाई ने सभी को व्यसनों से मुक्त होने के तरीके बताए और कहा कि जिस दिन हम संकल्प कर लेंगे उसी दिन हमारे व्यसन छूट जाएंगे। हम आत्मा में शक्ति कम होने के कारण व्यसनों में फंस जाते हैं। अब आध्यात्मिक शक्ति से सब बुराइयों को छोड़े। इस दौरान जेनिथ कान्वेंट स्कूल प्राचार्य शैलेंद्र नामदेव, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचार्य एसएस ठाकुर, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचार्य अरुण सोनी सहित अन्य स्टॉफ मौजूद था।

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