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हाईकोर्ट का आदेश:3 नगर पालिका, 2 नगर पंचायत में अध्यक्ष पद इस बार भी अजा के लिए आरक्षित, इसलिए कोर्ट का स्टे

सागर9 महीने पहले
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  • मकरोनिया, खुरई, बीना नपा, शाहगढ़ और बंडा नगर पंचायत पर प्रभावी होगा फैसला

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा महापौर और अध्यक्ष पद के आरक्षण पर लगाई गई रोक का असर जिले के 16 में से 5 नगरीय निकायों पर रहेगा। मकरोनिया, बीना-इटावा और खुरई नगरपालिका के साथ शाहगढ़ एवं बंडा नगर पंचायत पर यह रोक प्रभावी हो गई है। इसका कारण है कि इन निकायों में अध्यक्षों के पद वर्ष-2014 में अजा वर्ग (महिला/पुरुष) के लिए आरक्षित थे।

इस बार भी अजा (महिला/पुरुष) के लिए आरक्षित हुए हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पिछली बार जहां अजा था, वहां अजा महिला हो गया है और जहां अजा महिला था वहां अजा पुरुष हो गया है। दरअसल, निकाय चुनाव एक्ट में आबादी के हिसाब से आरक्षण की प्रक्रिया हो रही है। जबकि ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ ने रोटेशन के जरिए आरक्षण प्रक्रिया की बात कही है। हालांकि सरकार ने इस फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

यह है चक्रानुक्रम का गणित, इसी के आधार पर होता है आरक्षण

प्रदेश सरकार अध्यक्ष/ महापौर के लिए आरक्षण 1994 के नियम के मुताबिक कराती है। इसमें आरक्षण चक्रानुक्रम से किया जाता है। यानी पिछली बार सीट जिस कैटेगरी के लिए आरक्षित थी, उसे छोड़कर विगत 4 बार के आरक्षण के हिसाब से लॉटरी में नाम डाले जाते हैं। उस लॉटरी में नाम न आने पर बारी-बारी से विभिन्न कैटेगरी में निकाय के अध्यक्ष/ महापौर पद के आरक्षण के लिए नाम डाला जाता है।

याचिकाकर्ता का पक्ष : रोटेशन के तहत हो आरक्षण, ताकि सभी वर्ग के लोगों को मिले मौका
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक भदौरिया ने बताया हमने जो याचिका लगाई है, उसमें हमारी मांग है कि जो आरक्षण किया जा रहा है, वह रोटेशन पर किया जाना चाहिए। जैसे अन्य क्षेत्र में रोटेशन पॉलिसी से होता है। संविधान में भी व्यवस्था दी गई है आर्टिकल 243(टी) में उसको कोर्ट ने वर्णित किया है। जहां पिछली बार की तुलना में आरक्षण में बदलाव हुआ है, वहां इसका कोई असर नहीं पड़ना है।

इधर, नगरीय प्रशासन मंत्री बोले - हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ के फैसले को हम सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। इसके लिए विशेष अनुमति याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने कहा अभी हमें आदेश की कॉपी नही मिली है, परंतु सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

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