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इधर जमानत मिली उधर कोर्ट में जान गई:सागर पुलिस की कस्टडी में 4 घंटे सीने में दर्द होता रहा; पुलिस को बताया तो बोले-गैस है

सागर7 महीने पहले

सागर की सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी पर लाए गए एक व्यक्ति की मौत हो गई। पेशी के बाद कोर्ट रूम से बाहर आते ही उसके सीने में तेज दर्द उठा था। परिवार का आरोप है कि पुलिस कस्टडी में लिए जाने के बाद 40 साल के नरेंद्र अहिरवार को 4 घंटे तक सीने में दर्द होता रहा। उसने पुलिस को बताया भी। इसके बाद भी पुलिस उसे पेश करने के लिए कोर्ट के बाहर बैठाए रही। उसे कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जमानत मिल गई।

कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही वह गश खाकर गिर पड़ा। आरोप है कि अस्पताल ले जाने के बजाए पुलिसवाले नरेंद्र को छोड़कर चले गए। पत्नी चिल्लाती रही कि अस्पताल तो ले चलो। कुछ देर बाद आनन-फानन में तहसीलदार की गाड़ी से जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मोतीनगर थाना पुलिस ने संत रविदास वार्ड निवासी नरेंद्र को शांतिभंग की धारा 151 में कोर्ट में पेश किया था।

पानी को लेकर पड़ोसियों से हुआ था झगड़ा
मोतीनगर TI नवल आर्य ने बताया कि संत रविदास वार्ड में दो परिवारों के बीच पानी भरने को लेकर सोमवार दोपहर 1 बजे झगड़ा हुआ था। नरेंद्र के परिवार की महिलाओं ने पड़ोस में रहने वाली युवती को पीट दिया था। नरेंद्र ने भी उसे धक्का दे दिया था। युवती को चोट पहुंची थी। जब वह शिकायत करने थाने आई तो पीछे-पीछे नरेंद्र भी आ गया। थाने के बाहर दोनों में बहस हुई। युवती की शिकायत पर नरेंद्र के खिलाफ धारा 151 का केस किया गया था।

नरेंद्र अहिरवार। - फाइल फोटो
नरेंद्र अहिरवार। - फाइल फोटो

पिता बोले- बेटे के सीने में दर्द था, पुलिस गैस बताती रही
नरेंद्र के पिता मंगल प्रसाद अहिरवार ने बताया कि दोपहर में थाने आते ही नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसके सीने में दर्द हो रहा है, लेकिन पुलिस ने तब ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जब मेडिकल कराने उसे अस्पताल लेकर गए, तो वहां भी उसने सीने में दर्द की शिकायत की।

इस पर पुलिसवालों ने कहा कि पेट में गैस बन रही होगी। इसके बाद पुलिस उसे पेशी के लिए लेकर गई। यहां आधे घंटे तक नरेंद्र को बैठाकर पुलिस सिटी मजिस्ट्रेट के आने का इंतजार करती रही। उसका दर्द और बढ़ गया था। पेशी से बाहर आते ही वह गिर पड़ा।

अस्पताल में पीएम हाउस के बाहर परिवार के लोग।
अस्पताल में पीएम हाउस के बाहर परिवार के लोग।

मेडिकल में सबकुछ ठीक था
मोतीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि यदि सीने में दर्द हो रहा था तो अस्पताल में नरेंद्र शाम 4 बजे से लेकर 4.40 तक रहा। उसने डॉक्टर को क्यों नहीं बताया? मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टर ने सब कुछ ठीक बताया। इसके बाद ही उसे पेश करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय लेकर गए। वहां जमानत मिलने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते वक्त गैलरी में ये हादसा हो गया। यदि वह बताता कि तबीयत खराब है तो अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराते।

कोर्ट से बाहर निकलने के बाद उठा दर्द
सिटी मजिस्ट्रेट सीएल वर्मा ने कहा कि पुलिस ने 151 की धारा में उसे पेश किया था। मुचलका का आवेदन दिया था। इसके आधार पर नरेन्द्र को जमानत दे दी थी। वह हस्ताक्षर करके कोर्ट से बाहर निकल गया था। बाद में मुझे पता चला कि उसके सीने में दर्द उठा तो तहसीलदार की गाड़ी से तुरंत उसे अस्पताल भिजवाया था।

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