कुलगीत के लिए रचनाएं आमंत्रित की:विदेशी विद्यार्थियों को दाखिले के लिए करेंगे प्रेरित

सागर2 महीने पहले
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डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रमों में अब विदेशी विद्यार्थी भी पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रकोष्ठ का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से ज्ञान के आदान-प्रदान में सहयोग के प्रयास करेगी। विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे। यह प्रकोष्ठ स्टूडेंट-फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य करेगी। इस प्रकोष्ठ के चेयरमैन प्रो. हेरेल थॉमस बनाए गए हैं, जिसमें प्रो. जीएल पुणताम्बेकर, प्रो. एसके जैन, डॉ. श्री भागवत और डॉ. रजनीश अनुपम सदस्य हैं।

सभी विभागों में शुरू होंगे कौशल विकास के पाठ्यक्रम

सागर विश्वविद्यालय के सभी विभागों में मूल्यवर्धित एवं कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इस संबंध में विभिन्न विभागों के निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास, रोजगारपरक और मूल्यवर्धित शिक्षा के पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव तैयार करने के लिए लगातार दिशा-निर्देश दे रही हैं ।

विश्वविद्यालय कुलगीत के लिए रचनाएं आमंत्रित

सागर विश्वविद्यालय के कुलगीत के लिए रचनाएं आमंत्रित की गई हैं। विश्वविद्यालय के वर्तमान एवं पूर्व शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं संस्थापक डॉ हरीसिंह गौर व विश्वविद्यालय की गौरव गाथा के अनुरूप स्वरचित, अप्रसारित और अप्रकाशित रचनाएं नाम के साथ 18 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में भेज सकते हैं।

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