मानवाधिकार आयोग ने सागर पुलिस से मांगा जवाब:सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर हुई थी युवक की मौत, 3 सप्ताह में तथ्यात्मक जवाब पेश करने को कहा

सागर2 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के मामले में 151 के तहत युवक को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। जहां कोर्ट रूम के बाहर युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। मानव अधिकार आयोग ने सागर पुलिस अधीक्षक और सिटी मजिस्ट्रेट से 3 सप्ताह में मामले में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।

जानकारी के अनुसार सागर के संत रविदास वार्ड निवासी नरेन्द्र अहिरवार (40) के परिवार का झगड़ा पड़ोसी से हो गया था। मामले में नरेन्द्र के खिलाफ धारा-151 के तहत केस दर्ज कर मोतीनगर पुलिस ने हिरासत में लिया था। मृतक के पिता मंगल प्रसाद का आरोप है कि थाने में नरेन्द्र ने पुलिस से सीने में दर्द होने की शिकायत की थी, लेकिन उसे कहीं भी जाने नहीं दिया गया। इसके बाद मेडिकल कराने अस्पताल ले गए तो नरेन्द्र ने सीने में दर्द की जानकारी दी, लेकिन पुलिस वालों ने कहा-पेट में गैस बन रही होगी। पुलिस उसे पेशी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ले गई। यहां आधे घंटे तक उसे बिठाकर रखा गया।

पेशी के बाद उसे जमानत दे दी गई। इसके बाद वह कोर्ट के बाहर अचेत होकर गिर गया था। यह देख पुलिस वाले भाग गए। एंबुलेंस नहीं आई तो तहसीलदार की गाड़ी से नरेन्द्र को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक सागर और सिटी मजिस्ट्रेट से तीन सप्ताह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।

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