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जब्त ट्रैक्टर छुड़ा ले गए थे माफिया:चौकी में मारपीट के विरोध में चक्काजाम करने पहुंचे लोग, पुलिस ने रोका

निवाड़ीएक महीने पहले
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निवाड़ी| अधिकारियों को समझाइश देते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
निवाड़ी| अधिकारियों को समझाइश देते अधिकारी।
  • पुलिस अभिरक्षा से जब्त ट्रैक्टर छुड़ा ले गए थे माफिया, सीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, एसपी ने हवलदार सहित होमगार्ड के सैनिकों पर की कार्रवाई

जिले के तरिचर कलां पुलिस चौकी में पुलिस अभिरक्षा में खनिज माफिया मारपीट कर जब्त ट्रैक्टर बलपूर्वक ले गए थे। साथ ही आरोपियों ने मारपीट कर लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई न होने के विरोध में पुलिस चौकी तरिचर कलां के सामने शुक्रवार को भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश्वर देवलिया अपने समर्थकों के साथ चक्काजाम व अनशन करने पहुंचे

लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल और प्रशासनिक अमले ने जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर धारा 144 लागू होने के चलते प्रदर्शन व चक्काजाम नहीं होने दिया। इसके बाद देवलिया ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार निकेत चौरसिया को ज्ञापन सौंपा। निवाड़ी एसपी आलोक कुमार सिंह ने गुरुवार को पुलिस चौकी के अंदर मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही एक प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच, दो होमगार्ड के जवानों को वापस भेजने की कार्रवाई की। गौरतलब है कि देवलिया ने गुरुवार को एसडीएम निवाड़ी को सूचना पत्र देकर शुक्रवार को पुलिस चौकी तरिचर कलां के सामने चक्काजाम और अनशन करने की सूचना दी थी।

साथ ही ज्ञापन में उल्लेख किया कि 17 जून को सुबह 8 बजे चौकी प्रभारी उदय राज सिंह ने कमलेश्वर देवलिया को बताया कि दिवाकर, नीरज और अनुज तिवारी का चालान पेश होना है। उन्हें सूचित कर दें और चौकी भिजवा दें। जिसके लिए दिवाकर देवलिया चालान के संबंध में चौकी तरिचर कलां पहुंचे।

वहां पर पहले से बैठे खनिज इंस्पेक्टर बृजेश अहिरवार से मनीष चौधरी, अनूप चौधरी की बहस चल रही थी। इस घटना का दिवाकर ने वीडियो बनाना शुरू किया, तो मनीष चौधरी, अनूप चौधरी ने मेरे बेटे दिवाकर देवलिया के ऊपर पुलिस चौकी में ही पुलिस के सामने प्राणघातक हमला कर लाठी-डंडों से हमला कर मारपीट की।

साथ ही चाबी के छल्ले में चाकू लगा होने से उसे शरीर में भी कई जगह चोटें आईं, जिसके बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस किसी बड़े नेता के दबाव में होने के कारण मनीष चौधरी, अनूप चौधरी के ऊपर मामूली कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जबकि आरोपियों पर मारपीट, लूट, चौकी में घुसकर मारपीट, सरकारी काम में बाधा की धारा नहीं लगाई गई।

आरोपी के आदतन अपराधी होते हुए पुलिस को उन पर गुंडा एक्ट लगाना चाहिए। मौके पर मौजूद अधिकारियों से मांग करते हुए देवलिया ने कहा कि जब तक अपराधियों के ऊपर गुंडा एक्ट एवं अवैध खनन, शासकीय कार्य में बाधा, पुलिस के सामने मारपीट आदि की धारा नहीं लगाई जाती है। तब तक हम सभी कार्यकर्ताओं के साथ घटना स्थल पर ही अनशन करेंगे, यदि कोई होनी अनहोनी घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

एसपी ने पुलिस बल पर की कार्रवाई
तरिचर कलां पुलिस चौकी के सामने व अंदर दो युवकों के द्वारा गुरुवार को दिवाकर देवलिया के साथ दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आलोक कुमार सिंह ने पुलिस चौकी में लापरवाही बरतने पर प्रधान आरक्षक हरीकिशोर नापित को लाइन अटैच किया। साथ ही होमगार्ड के जवान देवानंद एवं हनीफ मोहम्मद को वापस भेजने के लिए होमगार्ड कमांडेंट को पत्र जारी किए।
खनिज इंस्पेक्टर ने छिपाए नाम
गुरुवार को चौकी के सामने हुई घटना को लेकर जब चौकी प्रभारी उदयराज सिंह परिहार ने शुक्रवार को खनिज अधिकारी बृजेश अहिरवार के कथन लिए तो उन्होंने पकड़े गए ट्रैक्टर की फोटो एवं चेसिस नंबर बताए, लेकिन ले जाने वाले के नाम नहीं बताए। वहीं खनिज इंस्पेक्टर के साथ गए 4 होमगार्ड जवानों की ड्यूटी कलेक्टोरेट परिसर में थी। फिर खनिज अधिकारी बिना परमिशन के होमगार्ड के जवानों को साथ क्यों ले गए। वहीं खनिज अधिकारी द्वारा होमगार्ड जवानों के कथन भी नहीं करवाए गए।

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