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नया प्रोजेक्ट:ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप निखारते हुए ओरछा का विकास होगा

ओरछा2 दिन पहले
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  • संस्कृति एवं विरासत संरक्षण के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैंड स्केप परियोजना शुरू

ग्वालियर व ओरछा के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैंड स्केप परियोजना शुरू हो चुकी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि तेजी से विकसित हो रही ऐतिहासिक नगरों की संस्कृति एवं विरासत को संरक्षित करते हुए वहां के समावेशी एवं सुनियोजित विकास के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैंडस्केप परियोजना को साल 2011 में शुरू किया गया था। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। चौहान ने कहा कि यूनेस्को द्वारा इस परियोजना में ग्वालियर एवं ओरछा नगरों का चयन किया गया है।

चयनित नगर का यूनेस्को, भारत सरकार मप्र सरकार द्वारा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वरूप निखारते हुए विकास किया जाएगा। परियोजना में दक्षिण एशिया के 6 नगर पहले से सम्मिलित हैं। इनमें भारत के अजमेर, वाराणसी शामिल हैं। ओरछा, ग्वालियर को 7वें एवं 8वें नगर के रूप में शामिल किया है। इनका डेवलपमेंट, मैनेजमेंट प्लान यूनेस्को द्वारा बनाया जाएगा। यहां के इतिहास, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, आर्थिक विकास, सामुदायिक विकास सहित सभी पहलुओं को इसमें शामिल किया जाएगा।

परियोजना से मप्र में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
परियोजना से मध्यप्रदेश में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यूनेस्को द्वारा बनाई जाने वाली ओरछा एवं ग्वालियर की विकास परियोजना के अनुरूप अन्य नगरों की विकास परियोजनाएं भी बनाईं जाएंगी। पर्यटन के विकास के साथ ही रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का भी सृजन होगा। इससे मप्र में पर्यटन के विकास के लिए रिस्पांसिबल टूरिज्म’, ग्रामीण पर्यटन, ’महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन’, बफर में सफर, नाइट सफारी, ‘वेलनेस एण्ड माइंडफुल टूरिज्म, युवा साहसिक पर्यटन आदि कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

यूनेस्को के एरिक फाल्ट के अनुसार कि परियोजना के माध्यम से ओरछा एवं ग्वालियर शहरों का इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण एवं समुदाय के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के अनुसार दोनों शहरों के विकास के लिए बनाई जा रही योजना पर अमल करते हुए हम न केवल ओरछा एवं ग्वालियर के साथ प्रदेश के सभी ऐतिहासिक नगरों को विकास के चरम पर ले जाएंगे।

नगरों के विकास में वहां की संस्कृति, इतिहास, प्रकृति, परंपराओं और विरासत का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भारत में यूनेस्को जून्ही हॉन का कहना है कि संवहनीय विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) 2030 के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए नगरों का विकास किया जाएगा। यूनेस्को एवं मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की साझेदारी से ओरछा एवं ग्वालियर नगरों का उनके सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा।

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