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खुलासा / दोस्त काे मारकर तीन करोड़ का बीमा क्लेम पाने बाइक एजेंसी के संचालक ने रची थी खुद की हत्या की साजिश, बबीना से गिरफ्तार

The bike agency's operator hatched a conspiracy to kill himself, arrested from Babina, to get an insurance claim of three crore after killing a friend
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The bike agency's operator hatched a conspiracy to kill himself, arrested from Babina, to get an insurance claim of three crore after killing a friend

  • 18 मार्च 2020 को दोस्त की हत्या की थी

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 05:00 AM IST

ओरछा. तीन करोड़ की बीमा राशि पाने के लालच में खुद की मौत की झूठी साजिश रचने के मकसद से अपने ही दोस्त की हत्या करने के मामले में फरार हुए आरोपी बाइक एजेंसी संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लॉकडाउन के दौरान बुधवार को बबीना के पास से आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। 

एएसपी सुनील कुमार शिवहरे ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले दिनों 19 मार्च को ओरछा थाना क्षेत्र के वनगांय गांव के पास एक अज्ञात व्यक्ति की अधजली लाश मिली मिला। जिसके बाद हत्या के आरोपी बाइक एजेंसी संचालक पवन राजपूत निवासी जल निगम बबीना उप्र के पिता सीताराम राजपूत ने जले हुए व्यक्ति के शव को अपने बेटे पवन का शव बताते हुए, ओरछा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जब मामले की विवेचना की, तो मेडिकल रिपोर्ट में मृतक व्यक्ति की मौत होमीसाइडल नेचर से होना बताया गया। पुलिस को संदेह हुआ और गहराई से छानबीन करने पर पता चला कि पवन राजपूत ने कईं बीमा एजेंसियों के माध्यम से तीन करोड़ रुपए का बीमा कराया था। बीमा की राशि पाने के लिए पवन ने 18 मार्च 2020 को अपने दोस्त नीरज परिहार निवासी पखरा जिला दतिया मप्र की शराब पिलाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पेट्रोल से जलाने के बाद ग्राम वनगांय के पास सड़क किनारे फेंक दिया था। शव के पास पवन ने अपने कपड़े आधार कार्ड और कागजात छोड़ दिए थे। जिससे पुलिस नीरज को पवन समझे।

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पवन राजपूत ने वारदात में उपयोग की गई कार यूपी 14 एडब्लू 7040 को झांसी रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि पवन राजपूत के तीन करोड़ के बीमा हैं। 

साथ ही अज्ञात जला हुआ शव पवन से मेल नहीं खाता। इस आधार पर पुलिस ने पवन के बारे में विस्तार से जानकारी खंगालना शुरू की, तो पता चला कि पवन राजपूत के खाते से भोपाल में एटीएम के माध्यम से 29 मार्च को चालीस हजार रुपए निकाले गए। वहीं पवन के पिता सीताराम राजपूत की सीडीआर में पाया गया कि घटना के बाद उसके मोबाइल पर कोटा राजस्थान से लंबी बातचीत हुई। साथ ही पवन का पिता बीमा क्लेम लेने के लिए लगातार बहुत ही शीघ्रता से दस्तावेज इकठ्ठा कर रहा था। इसी बीच पुलिस को जानकारी लगी कि पवन को बबीना के आसपास देखा गया। जिसके आधार पर पुलिस ने बुधवार को दिन में करीब एक बजे बबीना रोड पर स्थित बुंदेला बाबा मंदिर के पास से पवन राजपूत को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पवन राजपूत ने बताया कि उसने बीमा के तीन करोड़ पाने के लिए खुद की हत्या की झूठी साजिश रची थी। घटना को अंजाम देने के बाद झांसी से ट्रेन के द्वारा इंदौर भाग गया था। वहां से कोटा राजस्थान जाकर एक रेस्ट हाउस में रहा। बीमा के कागजात के सिलसिले में लॉकडाउन के दौरान बस के माध्यम से बबीना अपने घर आया था। इसी दौरान पुलिस में उसे गिरफ्तार कर लिया।

मामले का खुलासा करने में निवाड़ी एसडीओपी बीएस परिहार, थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक गौरव राजौरिया, प्रधान आरक्षक करन सिंह बुंदेला, मनोज तिवारी, पवन कौरव,आकाश कौरव,रोहित सेंगर,अरविंद यादव की विशेष भूमिका रही। मामले के खुलासे पर पुलिस अधीक्षक निवाड़ी मुकेश श्रीवास्तव ने 20 हजार के इनाम के साथ पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।

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