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16 साल बाद जागा राजस्व विभाग:हेराफेरी कर आदिवासी की जमीन हथियाने के मामले में एसडीएम ने पुलिस को लिखा पत्र

तेंदूखेड़ा6 दिन पहले
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  • 2017-18 में सामान्य वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाम करा ली थी जमीन

धनगौर ग्राम में एक गरीब आदिवासी की जमीन पहले आदिवासी बनकर अपनी पत्नी के नाम कराई। इसके बाद पत्नी की जाति सुधरवाकर इस जमीन को अपने नाम कराने का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। मामला करीब 16 साल पुराना है। कई मर्तबा शिकायतें होने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पहले हुईं शिकायतों पर तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के बाद एसडीएम ने तेंदूखेड़ा थाने को पत्र लिखा है।

इसमें संबंधितों पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है। लेकिन धनगौर बीट प्रभारी ने मामले की जांच के लिए दस्तावेज जुटाना शुरू कर दिए हैं। जिस आदिवासी की जमीन का मामला है उसकी मौत 4 माह पहले हो चुकी है। जिससे राजस्व रिकाॅर्ड में जमीन का नामांतरण नहीं हुआ है।

शिकायतकर्ता की मौत के चार माह बाद पूरी हुई राजस्व विभाग की जांच

धनगौर ग्राम के कोदू आदिवासी ने वर्ष 2005 में अपनी जमीन गांव के सीताराम पाल के पास 40 हजार रुपए में गिरवी रखी थी। लेकिन लेनदेन सही समय पर नहीं होने के कारण सीताराम पाल ने 80 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी कपूरी बाई को आदिवासी बताकर उसके नाम करा ली। इसके बाद पटवारी से मिलकर अपनी पत्नी की जाति सुधरवाकर पाल कराई।

इसके बाद पत्नी कपूरीबाई के नाम के जमीन 2017-18 में अपने नाम करा ली। जब मामले का खुलासा हुआ तो कई बार कोदू ने कलेक्टर सहित राजस्व अफसरों से शिकायतें की। विवाद के चलते ग्रामवासियों ने मिलकर इसके बाद राजीनामा करा दिया। लगभग 4 माह पहले सीताराम ने अपने नाम कराई जमीन फिर से कोदू आदिवासी के नाम करा दी।

जिसकी विधिवत रजिस्ट्री की गई। लेकिन रजिस्ट्री के एक माह बाद कोदू की मौत गई है। जिससे जमीन राजस्व रिकाॅर्ड में नामांतरण नहीं हो पाई। लेकिन तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के कारण एसडीएम ने मामला दर्ज करने के लिए तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी को पत्र लिख दिया है।

फौती दर्ज होने के बाद दुरुस्त होगा रिकॉर्ड

धनगौर हलका के पटवारी धनीराम तेकाम का कहना है कि सीताराम पाल ने विवादित जमीन फिर से कोदू आदिवासी के नाम कर दी है, लेकिन कुछ दिनों के बाद कोदू की मौत हो गईं। जिससे रजिस्ट्री वापिस हो गई थी। अब पहले रिकाॅर्ड में फौती दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद जमीन का नामांतरण हो सकेगा।

बीट प्रभारी को दस्तावेज जुटाने के दिए हैं निर्देश

थाना प्रभारी बीएल चौधरी का कहना है कि एसडीएम ने जमीन के सबंध में कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। लेकिन सिर्फ अकेला पत्र दिया है। जिससे अभी कार्रवाई नहीं हुई है। बीट प्रभारी को जांच कर सभी कागज एकत्रित करने के लिए कहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

थाना प्रभारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है

एसडीएम अंजली द्विवेदी का कहना है कि तहसीलदार के प्रतिवेदन अनुसार सीताराम ने कोदू आदिवासी की जमीन गलत तरीके से अपने नाम करा ली थी। जिसकी कार्यवाही के लिए थाना प्रभारी को पत्र लिखा है। इसके बाद मुझे जानकारी लगी है कि सीताराम और कोदू का राजीनामा हो गया था, लेकिन न्यायालय में मामला पंजीबद्ध है।​​​​​​​

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