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हिंदू पंचांग:ज्येष्ठ मास में गंगा दशहरा सहित 8 त्योहार मनाए जाएंगे

टीकमगढ़25 दिन पहले
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ज्येष्ठ मास शुरू हो गया है। हिंदू पंचांग का यह तीसरा महीना है, जो 27 मई से 24 जून तक रहेगा। सामान्य तौर पर इस महीने में गर्मी चरम पर रहती है। इस माह सूर्यग्रहण के साथ वट अमावस्या, गायत्री जयंती, निर्जला एकादशी, शनि जयंती तथा गंगा दशहरा जैसे त्योहार भी रहेंगे।

पंडित कौस्तुब तिवारी ने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया पर रम्भा तृतीया व्रत किया जाता है। इस दिन देवी पार्वती की पूजा की जाती है। ये व्रत एक साल तक किया जा सकता है। रम्भा तृतीया व्रत खासतौर से महिलाओं के लिए ही होता है। इस व्रत को करने से सौभाग्य प्राप्त होता है। रंभा ने इसे सौभाग्य प्राप्ति के लिए ही किया था। ये व्रत 13 जून को किया जाएगा।

वहीं ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की दशमीं को ये व्रत किया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन दान का भी महत्व है। ये व्रत 20 जून को किया जाएगा। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व 10 जून को है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था। वट सावित्री व्रत: ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत भी किया जाता है। इस व्रत पर बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से पति की उम्र बढ़ती है। ये व्रत 10 जून को किया जाएगा। अपरा एकादशी: ज्येष्ठ महीने के कृष्णपक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी या अचला एकादशी भी कहा जाता है। ये व्रत 6 जून को किया जाएगा। इस दिन तुलसी, चंदन, कपूर, गंगाजल सहित भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। संकष्टी चतुर्थी: ज्येष्ठ माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश जी की पूजा के लिए ये व्रत किया जाता है। वट पूर्णिमा: इस पूर्णिमा पर व्रत करने से संतान सुख भी मिलता है। इस बार ये व्रत 24 जून को किया जाएगा।

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