पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मिट्टी का खनन:खदान धंसने से युवक पर गिरा पत्थर, मौत, परिजन ने लगाया पांच घंटे जाम

बल्देवगढ़9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कक्षा 10वीं में गांव का टॉपर छात्र कर रहा था रात के अंधेरे में मजदूरी
  • ट्रॉली भरने के बाद युवक खदान में औजार उठाने गया था

खरगापुर तहसील में महज 80 रुपए की मजदूरी के लिए रात के अंधेरे में अवैध रूप से मिट्टी का खनन करना एक युवक को भारी पड़ गया। अवैध खनन करने की कीमत युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

खरगापुर कस्बे में सोमवार की देरशाम 6 बजे मरघट टोरिया पर अवैध रूप से शासकीय भूमि से लाल छरिया निकालने का काम चल रहा था, वार्ड नंबर 13 निवासी बिलकाई यादव के ट्रैक्टर की ट्राॅली में लाल छरिया भरने गए 18 साल के युवक विजय अहिरवार की 1 हजार किलो वजनी पत्थर के नीचे दबने से मौत हो गई। विजय कक्षा दसवीं में गांव का टॉपर था और बल्देवगढ़ से आईटीआई कर रहा था। आखिरकार विजय को मजदूरी क्यों करनी पड़ी यह बड़ा सवाल है।

खरगापुर के मरघट टोरिया पर 4 लोग ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर लाल छरिया खोदने गए थे। इसी दौरान ट्राॅली भरने के बाद सभी लोग मौके से जाने लगे, तभी मृतक विजय रैकवार से कहा गया, कि औजार खदान में रह गए हैं। उसे उठाने गए विजय के ऊपर अचानक से आकर पत्थर गिर गया। जिसके नीचे वह दब गया।

घटना के बाद तत्काल ट्रैक्टर चालक मौके से भाग खड़ा हुआ, लेकिन साथ में खुदाई कर रहे लोगों ने विजय को पत्थर के नीचे से निकालने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली, तो डायल 100 को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाते हुए जेसीबी को बुलाया और पत्थर के नीचे फंसे विजय अहिरवार को रेस्क्यू कर बाहर निकाला।

प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बेबी राजा ने बताया कि विजय अहिरवार का कमर का नीचे का हिस्सा पत्थर के नीचे दबा हुआ था। वह प्यास से व्याकुल होकर पीने के लिए पानी मांगता रहा। करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद उसे खरगापुर अस्पताल में गंभीर अवस्था में लाया गया, लेकिन घायल विजय की गंभीर हालत देख उसे जिला अस्पताल रैफर किया गया, अस्पताल तक ले जाने के लिए उसे एंबुलेंस तक की सुविधा नहीं मिल सकी।

विजय बार-बार सांस रूकने की बात कह रहा था, ऐसे में परिजनों ने प्राइवेट वाहन कर विजय को जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी की और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने को कहा, डॉ. राहुल अध्वर्यु ने ऑक्सीजन लगाने से इंकार कर दिया। डॉ. अध्वर्यु ने कहा कि प्राइवेट वाहन में ऑक्सीजन लगाना संभव नहीं है। आखिर प्राइवेट वाहन से उसे टीकमगढ़ ले जाया गया, विजय को ऑक्सीजन समय से न मिलने के चलते रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक पर किया केस दर्ज, जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन

विजय की मौत की खबर नगर में फैली तो मंगलवार को सुबह 9 बजे से हनुमान चौराहे पर मृतक के परिजन व रिश्तेदारों ने जाम लगा दिया। ट्रैक्टर चालक व मालिक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे और करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान एसपी प्रशांत खरे ने मौके की गंभीरता को देखते हुए चार थानों की पुलिस मौके पर तैनात कर दी।

बल्देवगढ़, कुड़ीला, टीकमगढ़ से भी भारी पुलिस बल के साथ एसडीओपी जतारा योगेंद्र सिंह भदौरिया, एसडीओपी टीकमगढ केपी सिंह, एसडीएम बल्देवगढ़ संजय जैन, तहसीलदार जन्मेजय मिश्रा मौके पहुंचे। सभी ने मृतक के परिजनों व रिश्तेदारों को समझाने का प्रयास किया और ट्रैक्टर चालक व ट्रैक्टर मालिक को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी टस के मस नहीं हुए। थाना प्रभारी खरगापुर नितेश कुमार जैन ने बताया कि ट्रैक्टर मालिक रानू यादव पर आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश जारी है जल्दी उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मृतक का शव चक्काजाम स्थल पर ले जाने पर अड़े रहे लोग

मृतक विजय अहिरवार का शव पोस्टमार्टम के बाद टीकमगढ़ से खरगापुर पहुंचा, तो मृतक के परिजनों ने किले के पास शव वाहन को रोक लिया और चक्काजाम स्थल पर शव को ले जाने को अड़ गए। ऐसे में पुलिस बल की मौजूदगी में वह अपने इरादे में सफल नहीं हुए। प्राशसनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद 1.30 बजे मृतक के परिजन अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 3 बजे मृतक का स्थानीय मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। पीड़ित परिवार को एसडीएम संजय जैन, तहसीलदार जन्मेजय मिश्रा और नगर परिषद सीएमओ पीडी पाठक द्वारा तात्कालिक राहत राशि के रूप में 5 हजार रुपए नकद दिए। साथ ही शासन के नियमानुसार सहायता राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया।

विजय भाइयों में होशियार था, 10वीं में आए थे 85% अंक

18 साल का विजय कक्षा दसवीं में 85 फीसदी अंक के साथ गली मोहल्ले में पढ़ने वाले बच्चों में टॉपर था। बल्देवगढ़ से आईटीआई कर रहा था। उसका सपना था कि कुछ अच्छा करके परिवार का नाम रोशन करूं। वह हम तीन भाइयों में सबसे अधिक होशियार था। इसलिए हमने भी कभी अपने भाई से नहीं कहा कि मजदूरी करने जाओ। हमारे मां-बाप भी आगरा में रहकर मजदूरी कर रहे हैं।

जिससे विजय को पढ़ाई में दिक्कत न हो, लेकिन न जाने कैसे ट्रैक्टर चालक और अन्य लोग उसे ट्राॅली भरने का लालच देकर साथ ले गए। ट्राॅली भरने में उसे महज 70-80 रुपए मजदूरी मिलती। भाई की माैत का कारण तो हम नहीं जानते, लेकिन इसकी जांच भी होना जरूरी है। जिससे उसके मौत का सच सबसे के सामने आए।

(जैसा मृतक के बड़े भाई मुकेश अहिरवार ने फोन पर रिपोर्टर सुमित कुमार चौबे को बताया)

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थिति आपके लिए बेहतरीन परिस्थितियां बना रही है। व्यक्तिगत और पारिवारिक गतिविधियों के प्रति ज्यादा ध्यान केंद्रित रहेगा। बच्चों की शिक्षा और करियर से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य भी आ...

    और पढ़ें