त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2021:आदर्श आचार संहिता के चलते शस्त्र लाइसेंस निलंबित, 3 दिन के अंदर पुलिस थाने में जमा करना होंगे शस्त्र

टीकमगढ़एक महीने पहले
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मप्र राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2021 की घोषणा की जा चुकी है। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2021 की गतिविधियों एवं प्रक्रियाओं को व्यवस्थित स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्विघ्न रूप से करने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिला दण्डाधिकारी निवाड़ी एसके अहिरवार ने शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा अंतर्गत जिला निवाड़ी में स्थित सभी थाना क्षेत्रों की सीमाओं में रहने वाले एवं उपलब्ध सभी शस्त्र लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

साथ ही कोई भी व्यक्ति निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया समाप्त होने से पहले अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग व उपयोग नहीं करेगा। सभी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी आदेश जारी होने के 3 दिवस में अपने-अपने शस्त्र संबंधित पुलिस थाने के थाना प्रभारी के पास जमा कराएंगे। थाने में शस्त्र जमा करने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी को शस्त्र जमा करने की पावती प्रदान करेंगे।

अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर के पास शस्त्र जमा करने की स्थिति में डीलर द्वारा शस्त्र जमाकर्ता को शस्त्र जमा करने की रसीद उपलब्ध करवाएंगे। जिसकी छायाप्रति शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संबंधित थाने में शस्त्र जमा करने के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की जाएगी। सभी अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर शस्त्र जमा करने वाले अनुज्ञप्तिधारियों की सूची संबंधित थाने एवं कलेक्टर कार्यालय की शस्त्र शाखा में 7 दिवस में प्रस्तुत करेंगे। अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा जमा शस्त्र सुरक्षित स्थिति में रखने का दायित्व संबंधित जमाकर्ता का होगा।

बिना अनुमति झंडे-बैनर लगाने पर मप्र सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी
मप्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन वर्ष 2021-22 निर्वाचन के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार जिलांतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायतों के ग्रामों में आदर्श आचरण संहिता लागू होने के साथ ही जिले में निर्वाचन के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभिन्न राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव की घोषणा के साथ ही शासकीय/अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं, बैनर लगाए जाते हैं, पोस्टर चिपकाएं जाते हैं, विद्युत तथा टेलीफोन के खंभाें पर चुनाव प्रचार से संबंधी झंडियां, डंडे, बैनर लगाए गए हैं। जिसके कारण शासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है।

मप्र सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धारा अनुसार कोई भी जो सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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