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स्वास्थ्य विभाग में आग लगी या लगाई:क्योंकि नर्सिंग होम-सोनोग्राफी सेंटर की जांच के दस्तावेज जले

टीकमगढ़7 दिन पहले
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टीकमगढ़। चेंबर में आगजनी से जला सामान और दस्तावेज। - Dainik Bhaskar
टीकमगढ़। चेंबर में आगजनी से जला सामान और दस्तावेज।
  • आग बुझने के साथ ही एक सप्ताह से मिल रही गड़बड़ी की जांच भी अटकी

कलेक्टोरेट कलेक्टोरेट बिल्डिंग में स्थित स्वास्थ्य विभाग में रविवार सुबह 5 बजे अचानक आग लग गई। जिससे डॉक्टर शाखा में रखे सारे दस्तावेज जल गए। जब आग का धुआं बाहर निकला तो बाजू में ईवीएम मशीन के लिए तैनात गार्ड चरण सिंह ने देखा। उसने आनन-फानन में आग बुझाने की कोशिश की।

इस दौरान विभाग के कर्मचारियों को आगजनी की सूचना देकर मौके पर बुलाया। टीकाकरण अधिकारी पीके माहौर घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं आगजनी में दस्तावेज जलने से कई कारण निकलकर आ रहे हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया है। विभाग के जलने वाले दस्तावेज पीएनडीटी के हैं।

विभाग के मुख्य द्वार पर लगा सीसीटीवी कैमरा भी लटका मिला। आगजनी की घटना को लेकर देहात थाना प्रभारी नसीर फारूकी ने बारीकी से पड़ताल की। मौके कुछ सैंपल भी पुलिस ने लिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आगजनी का मामला दर्ज कर लिया है। कलेक्टोरेट में पहली बार आगजनी की घटना हुई है। रविवार होने के चलते सीएमएचओ शिवेंद्र चौरसिया अपने घर छतरपुर गए हुए थे।

विभाग की बिजली बंद, सीसीटीवी कैमरा दीवार पर लटका मिला

पुलिस ने घटना स्थल पर बारीकी से जांच की। जहां शार्ट सर्किट का कारण सामने नहीं आया। विभाग की बिजली सप्लाई बंद होने पर मौके पर विद्युत कर्मचारी को बुलाया गया। फिर बिजली चालू की गई। अंदर डॉक्टर शाखा चेंबर में अलमारी रखी हुई थी।

जिसमें रखे दस्तावेज सहित अलमारी जल गई थी। उसके ऊपर रखे कई दस्तावेज भी जल गए थे। वहीं चेंबर में रखा कम्प्यूटर, सीपीओ और प्रिंटर भी डेमेज हो गए थे। मुख्य द्वार पर लगा सीसीटीवी कैमरा भी लटका था। कैमरे का डीवीआर सीएमएचओ के चेंबर में लगा हुआ था। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

सामग्री की खरीदी को लेकर खरगापुर विधायक ने की थी सीएम से शिकायत
जिला अस्पताल में कोरोना काल की दूसरी लहर के चलते सामग्री की खरीदारी की गई थी। जिसमें बड़े स्तर से भ्रष्टाचार हुआ था। जिसको लेकर खरगापुर विधायक राहुल सिंह ने सीएम से नामजद शिकायत की थी कि बाजार में पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर 5 सौ से एक हजार रुपए में मिल जाते हैं

लेकिन उनकी खरीदी 17 सौ से 18 सौ रुपए में की गई। जिस पर टीम गठित करके जांच की गई थी। जांच के दौरान डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रदीप राय को हटा दिया गया था।

प्राइवेट नर्सिंग होम और सोनोग्राफी सेंटर से संबंधित दस्तावेज जले
जहां पर आग लगी वह डॉक्टर शाखा कहलाती है। यहां पर पीएनडीटी यानी प्राइवेट नर्सिंग होम और सोनोग्राफी के दस्तावेज रखे रहते थे। जिन दस्तावेजों में आग लगी। वह अधिकतर सोनोग्राफी सेंटर के हैं।

प्रतिनिधि ने नगर पालिका की फाइलें सुरक्षित रखने के लिए दिया था आवेदन
सांसद प्रतिनिधि नियुक्त होते हुए एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ शिकायत के बाद कार्रवाई होने लगी। जिसको लेकर नगर पालिका सांसद प्रतिनिधि अभिषेक रानू खरे ने कलेक्टर को नगर पालिका की फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए आवेदन दिया था।

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में अचानक आगजनी की घटना हो गई। इस घटना के बाद तुरंत ही रानू खरे ने नगर पालिका पहुंचकर अधिकारियों से फाइलों को सुरक्षित रखवाया। स्वास्थ्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि मनोज देवलिया ने किसी के द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम देने की बात कही है।

एक दिन पहले अनियमितताओं के चलते मेडिकल को किया था सील
स्वास्थ्य विभाग में चल रही गड़बड़ी की शिकायत को लेकर आयशा मेडिकल पर शनिवार को कार्रवाई करने टीम पहुंची थी। जहां पर शासन के नियमों के विरुद्ध कंपनियों से सामग्री ली गई थी। जिनके पास कोई लाइसेंस तक नहीं था। जिस पर सीएमएचओ शिवेंद्र चौरसिया, एसडीएम सौरभ मिश्रा ने दुकान को सील कर दिया था। इसके बाद 24 घंटे पूरे भी नहीं हुए कि रविवार सुबह स्वास्थ्य विभाग में आगजनी की घटना हो गई।

विधायक की शिकायत से संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित: कलेक्टर
खरगापुर विधायक की शिकायत से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित हैं। आगजनी में कुछ स्थापना और कुछ पीएनडीटी के प्रपत्र जले हैं। पुलिस जांच कर रही है।-सुभाष कुमार द्विवेदी, कलेक्टर

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