शिकायत / पीएम आवास के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे हितग्राही, अधिकारी बेपरवाह

Beneficiaries circling office for PM residence, officials careless
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Beneficiaries circling office for PM residence, officials careless

  • कच्चा मकान होने के बाद भी सात साल में अब तक नहीं मिला योजना का लाभ

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

बल्देवगढ़. ग्रामीण क्षेत्र में मिलने वाले पीएम आवास के लिए हितग्राही सात साल से परेशान हो रहे हैं। अब तक आवास की समस्या न पंचायत सुलझा सकी और न ही अधिकारी। सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हितग्राहियों को शासन से मिलने वाली योजनाओं से भरोसा उठने लगा है। हितग्राही आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। अधिकारी भी ऐसी शिकायतों को आम समझने लगे हैं। 
बल्देवगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत चंदेरी खास निवासी रघुवीर पिता भूपत पटैरिया ने बताया कि परिवार की हालत अच्छी नहीं है। बारिश के समय पानी गिरने से मकान में पानी भर जाता है। जिसके लिए पीएम आवास में नाम जुड़वाया था। पीएम आवास की 2013 की लिस्ट में था, लेकिन सचिव और रोजगार सहायक द्वारा आवास प्रदान नहीं किया। रिश्वत की मांग की जा रही थी। रुपए नहीं देने पर आवास नहीं मिल सका।

जिसकी कई बार शिकायत अधिकारियों से कर चुके, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं है। जनपद सीईओ प्रभात कुमार मिश्रा को आवेदन देने गए तो समस्या बिना सुने ही भगा दिया। जब पीड़ित ने गुहार लगाई तो गुस्से में पावती देकर लौटा दिया। ऐसे में जब अधिकारी ही समस्या नहीं सुनेंगे तो ग्रामीण अपनी व्यथा किसे सुनाएंगे। 
कच्चे मकान में रह रहे 9 सदस्य: गांव के जालम सेन ने भी जनपद सीईओ को दिए आवेदन में कहा कि वह चंदेरी का मूल निवासी है। कच्चा मकान है और परिवार में 9 सदस्य है। दो माह पूर्व बारिश के चलते कच्चा मकान ढह गया था। पीएम आवास के लिए पंचायत में रोजगार सहायक को कई बार आवेदन कर चुके है। इसके बाद अब तक आवास सूची में नाम नहीं आया, लेकिन कोई समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं है।
झूठी शिकायत कर  रहे आवेदक
राेजगार सहायक से निजी विवाद के चलते गांव के कुछ लोग झूठी शिकायतें करवाई जा रही हैं। जो दो आवेदक शिकायत लेकर आए थे उनके नाम दो रूम कच्चा सूची में दर्ज हैं। सामान्य वर्ग लिस्ट में इन दोनों के नाम है। जिसका अभी तक टारगेट नहीं है। टारगेट आते ही दोनों को लाभांवित किया जाएगा। दोनों आवेदक की शिकायत भी ली है। दोनों आवेदकों को लक्ष्य की सूची निकालकर भी दी है। बावजूद इसके मेरे ऊपर निराधार आरोप लगाया जा रहा है। मैंने दोनों आवेदकों से किसी प्रकार की कोई अभद्रता नहीं की। 
प्रभात कुमार मिश्रा, जनपद सीईओ
रोजगार सहायक नहीं देते आवास की जानकारी
चंदेरी निवासी कैलाश तिवारी निवासी ने भी आवास नहीं मिलने की शिकायत की है। कैलाश का कहना है कि परिवार बीपीएल कार्ड धारक है। वर्ष 2013 में उसका नाम पीएम आवास की लिस्ट में था, लेकिन रोजगार सहायक द्वारा आवास स्वीकृत नहीं किया गया। जबकि उसके परिवार में 10 सदस्य निवास करते है और एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। सचिव और रोजगार सहायक से आवास की जानकारी लेते है, अभद्र व्यवहार करते है और न कोई जानकारी देते है।

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