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टीकमगढ़ में मकर संक्रांति मेले पर प्रतिबंध:70 साल में पहली बार शिवधाम कुंडेश्वर में नहीं लगा मेला, गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं

टीकमगढ़6 दिन पहले
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बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिव धाम कुंडेश्वर में इस बार मकर संक्रांति मेला नहीं लगा। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। करीब 70 सालों से लगते आ रहे मकर संक्रांति मेले पर पहली बार प्रतिबंध लगाया गया है।

संक्रांति के दिन मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना पहले की तरह हुई, लेकिन मंदिर का गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह बंद रखा गया। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक एसडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया कि कोरोना नियंत्रण के चलते यह फैसला लिया गया है। साथ ही मंदिर के पास जामदार नदी के घाटों पर भी सुरक्षा के इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शिव धाम कुंडेश्वर मंदिर
शिव धाम कुंडेश्वर मंदिर

श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे जलाभिषेक

शिवधाम कुंडेश्वर में स्वयंभू शिवलिंग है। यहां हर साल मकर संक्रांति पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। कुंडेश्वर निवासी रिटायर्ड शिक्षक और साहित्यकार डॉ दुर्गेश दीक्षित बताते हैं कि करीब 70 सालों से कुंडेश्वर मंदिर में मेला लगाने की परंपरा चली आ रही है। पूरे बुंदेलखंड से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं। वैसे तो हर साल भक्तों को मकर संक्रांति के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने की इजाजत दी जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर प्रबंधन ने गर्भ ग्रह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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