जिम्मेंदारो की अनदेखी:डॉक्टर, जनप्रतिनिधि सहित मरीजों के परिजन नहीं कर रहे सोशल डिस्टेंस का पालन, मास्क भी गायब

टीकमगढ़2 महीने पहले
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  • राेजाना जिला अस्पताल की ओपीडी 700 के पार, ओमिक्राॅन संक्रमण के बीच प्रबंधन लापरवाह

मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान तीसरी लहर आने की संभावना जता रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी करीब 700 की ओपीडी होने के बाद जिला अस्पताल में डॉक्टर, जनप्रतिनिधि(पूर्व विधायक), मरीज व उनके परिजन बिना मास्क के घूम रहे हैं। साथ ही लोग यहां सोशल डिस्टेंस का पालन करें, इसके लिए अब तक अस्पताल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। गौरतलब है काेराेना की दूसरी लहर में टीकमगढ़ जिले में करीब 120 व निवाड़ी जिले में 48 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा दोनों जगह क्रमश: 6,853 व 3,719 संक्रमित मिले थे।

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा फिर से करीब है। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ओपीडी से लेकर वार्डों में पहुंच रहे मरीजों के लिए मास्क व सैनिटाइजर अनिवार्य नहीं कर रहा है। यह स्थिति उन लोगों के लिए खतरनाक है जो अस्पताल में इलाज कराने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के सर्जीकल, मेडिकल व चिल्ड्रन वार्ड में मंगलवार को 80 से अधिक मरीज भर्ती हुए। ओपीडी में 724 मरीज आए। ऐसे में वार्डों में भर्ती मरीजों से लेकर ओपीडी में पहुंच रहे रोगियों समेत उनके परिजन के लिए संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ सकता है।

क्योंकि टीकमगढ़ जिले के हजारों लोग जो महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश व नई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। उनमें से अधिकांश लोग इन दिनों शादियों के सिलसिले में टीकमगढ़ व आसपास के ग्रामीण इलाकों में वापस आ रहे हैं। ऐसे में जिन प्रदेशों में ओमिक्राॅन वेरिएंट की दस्तक हो चुकी है, वहां से आने वाले लोगों की जांच और सैंपलिंग करवाना बहुत जरूरी है।

मंगलवार को पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल एक मरीज को देखने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मौजूद डॉक्टर व अन्य कार्यकर्ताओं में एक या दो लोग ही मास्क लगाए दिखे। बाकी लोगों ने न तो मास्क पहना था और न सोशल डिस्टेंस का पालन करते दिखे।

93 फीसदी को पहला व 63 फीसदी को दूसरा डोज
टीकमगढ़ व निवाड़ी जिले में 10 लाख 40 हजार 518 लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना है। इनमें से अब तक 9 लाख 78 हजार से अधिक लोगों को पहला डोज लग चुका है। 6 लाख 16 हजार लोगों को दोनों डोज लग चुके हैं। 3 लाख 62 हजार लोग ऐसे हैं जिनको दूसरा डोज लगाया जाना है। कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी ने बताया कि महाभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों काे वैक्सीन लगाने का काम हो रहा है।

जन सहयोग से लगा जिला अस्पताल का दूसरा ऑक्सीजन प्लांट अब तक नहीं सुधर पाया

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला अस्पताल के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों कलेक्टर द्विवेदी ने विधायक राकेश गिरी व राहुल सिंह के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था।

इस दौरान जिला अस्पताल में विधायक निधि व जनसहयोग से लगे 500 एलपीएम वाले ऑक्सीजन प्लांट की शुद्धता कम होने की बात सामने आई थी, लेकिन अब तक प्लांट में सुधार कार्य नहीं हाे पाया है। सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला का कहना है कि प्लांट के टेक्नीकल इश्यू को लेकर पत्राचार किया गया है। जल्दी ही इंजीनियर आकर प्लांट की मरम्मत करेंगे। इसके अलावा प्लांट में जो भी पार्टस खराब हैं उन्हें बदलेंगे।

डॉक्टर से ही दूसरे लोग प्रेरित होते हैं, अगर डॉक्टर मास्क उपयोग नहीं कर रहे तो यह गंभीर मामला

^तीसरी लहर के खतरे को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में मास्क व सोशल डिस्टेसिंग के लिए गार्ड को निर्देशित किया है, कि बिना मास्क लगाए लोगों को अस्पताल में अंदर जाने से रोकें। साथ ही डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि मास्क और सैनिटाइजर के साथ सोशल डिस्टेंस का पालन करें। अगर डॉक्टर मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो गलत है। क्योंकि डॉक्टरों को देखकर ही मरीज व उनके परिजन प्रेरित होते हैं। इस मामले में डॉक्टरों को सख्ती से मास्क उपयोग करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। - डॉ. अमित शुक्ला, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, टीकमगढ़

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