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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव:पार्श्वनाथ भगवान काे नवीन कमलासन पर किया विराजमान, समवशरण की रचना

टीकमगढ़17 दिन पहले
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  • सुबह से हुए आयोजन, मुनिश्री ने की आहार चर्या

नगर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में बुधवार को पार्श्वनाथ भगवान को नवीन कमलासन पर विराजमान किया गया। मुनिश्री की आहार चर्या भी की गई। कार्यक्रम में कुबेर इंद्र द्वारा समवशरण की रचना की गई।

आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनिश्री निर्णय सागर एलक क्षीर सागर महाराज के मंगल सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रात: कालीन बेला में मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान को नवीन कमलासन पर विराजमान किया गया। स्थापित करने का सौभाग्य अखिलेश जैन को मिला। मूलनायक भगवान को स्थापित करने का सौभाग्य बाल ब्रह्मचारी अशोक भैया को एवं छत्र चढ़ाने का सौभाग्य बाल ब्रह्मचारी दीपक, अंशु जैन को मिला।

उपरिम बेदी में पारसनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य बाल ब्रह्मचारी दीपक भैया को प्राप्त हुआ। मुनि ऋषभ सागर महाराज की आहार चर्या कराने का सौभाग्य राजा, श्रेयांश, राजकुमार जैन, जिनेंद्र जैन को मिला। दोपहर में कार्यक्रम के दौरान महामुनि राज वृषभ सागर में केवल ज्ञान उत्पन्न होते ही कुबेर इंद्र द्वारा समवशरण की रचना की गई।

इंद्रों सहित सभी ने अरिहंत परमेष्ठी की आराधना की
समवशरण में सौधर्म और कुबेर इंद्र समस्त जीवों के साथ अरिहंत परमेष्ठी की आराधना संपन्न की गई। समवशरण की गणधर पीठ से मुनिश्री निर्णय सागर एवं क्षीर सागर महाराज के मुखारविंद से जीवन को उन्नत बनाने के सूत्र सभी को प्रदान किए गए। आचार्य गुरुवर की महा पूजन बाल ब्रह्मचारी तरुण भैया ने विशेष रूप से कराई। इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी अशोक भैया, धीरज भैया, दीपक भैया, संजय शास्त्री, अभिषेक शास्त्री भी शामिल रहे।

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