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स्कूल शिक्षा:अब छात्र की फाेटाे खींचकर जियाे टैगिंग करेंगे शिक्षक; अप्रवेशी बच्चाें को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास शुरू

टीकमगढ़2 दिन पहले
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टीकमगढ़| शिक्षक घर-घर जाकर जुटा रहे बच्चों की जानकारी। - Dainik Bhaskar
टीकमगढ़| शिक्षक घर-घर जाकर जुटा रहे बच्चों की जानकारी।
  • घर-घर होगा सर्वे, पता करेंगे पढ़ाई छोड़ने की वजह

किन्हीं पारिवारिक कारणाें या किसी अन्य वजह से बीच में पढ़ाई बंद कर चुके छात्र-छात्राओं काे स्कूलाें मेें दाेबारा दाखिला दिलाने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू की है। अब ऐसे विद्यार्थियों का शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। साथ ही उनकी माैके से ही फाेटाे अपने साथ खींचकर एप पर अपलाेड करेंगे। इसके लिए जिले में शिक्षकों ने शुरूआत भी कर दी है।

पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर स्कूल की चौखट तक लाकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार तकनीक की मदद ले रही है। स्कूल छोड़ चुके बच्चे और उसके परिवार के अशिक्षित सदस्यों का भी सर्वे किया जाएगा।

हर शिक्षक को मेंटर्स के रूप में सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। शिक्षक राशन दुकान की लिस्ट के आधार पर बच्चों का नाम व पता लेंगे। फिर उनके घर जाकर बात करेंगे। एप के जरिए सर्वे के दौरान छात्र का फोटो खींचकर जिओ-टैगिंग करनी होगी। एपीसी शैलेष श्रीवास्तव के अनुसार राज्य शिक्षा केंद्र से आदेश मिले हैं। ग्राम व बसाहट वार ऐसे बच्चों काे शिक्षक घर-घर जाकर चिन्हित करेंगे। कारण का पता कर उन्हें दाेबारा स्कूल में प्रवेश दिलाएंगे। माैके से ही उसके साथ सेल्फी लेकर जियाे टैग करेंगे। इसके लिए जिले के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हेड मास्टर व हर शिक्षक को टारगेट
डीपीसी हनुमत सिंह चौहान ने बताया कि बच्चों के सर्वे व अगली प्रक्रिया के लिए मेंटर शिक्षक के रूप में कार्य बांटेगा। एक मेंटर शिक्षक को स्कूल से 10 से 15 बच्चों का दाखिला कराने की जवाबदारी दी जाएगी। मेंटर शिक्षक द्वारा संपर्क अभियान के लिए स्कूल से वंचित व लक्षित बच्चों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें छात्र के घर का पता, आखिरी बार किस स्कूल में दर्ज था और बच्चों के परिवार की राशन की दुकान का पता आदि दर्ज हाेगा।

मेंटर्स शिक्षक, बच्चों के परिवार से संपर्क करेंगे। एप में बच्चे व परिवार से हुई भेंट को दर्ज कर बच्चों के शत प्रतिशत प्रवेश व स्कूल से बाहर बच्चों का फॉलोअप प्लान की जानकारी दर्ज करेंगे। एप में मेंटर्स शिक्षक को बच्चे की भेंट के दिन जियोटेग फोटो के आधार पर बच्चे से संपर्क की पुष्टि करनी होगी। जिस व्यक्ति से संपर्क किया है, उसका सही नाम, मोबाइल, फोटाे भी लेनी होगी। साथ ही संपर्क के दौरान उस गांव के सरपंच या वार्ड पार्षद का सहयोग लिया जाएगा। उनका नाम व मोबाइल नंबर भी लेना होगा।

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