कोरोना का बढ़ता संक्रमण:2 संदिग्ध सहित 7 की माैत, 227 नए पॉजिटिव, आईसीयू में बेड न मिलने से बुजुर्ग महिला की मौत

टीकमगढ़6 महीने पहले
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टीकमगढ़ | आईसीयू वार्ड में सुबह 10 बजे तक पलंग पर पड़ा रहा व्यक्ति का शव। - Dainik Bhaskar
टीकमगढ़ | आईसीयू वार्ड में सुबह 10 बजे तक पलंग पर पड़ा रहा व्यक्ति का शव।
  • निवाड़ी में 52 नए संक्रमित, आईसीयू से शव नहीं हटाया तो बुजुर्ग महिला नहीं हो पाई भर्ती

जिले में न कोरोना से मरने वालों के आंकड़े कम हो रहे हैं और न ही संक्रमितों के मिलने का सिलसिला कम हो रहा है। टीकमगढ़ में गुरुवार को कोरोना से 2 संदिग्ध सहित 7 लोगों की मौत हुई और 227 नए संक्रमित मिले। वहीं निवाड़ी में भी 52 नए पाॅजिटिव मरीज सामने आए हैं।

लगातार बढ़ रहे मरीजों के चलते जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीज ऑक्सीजन न मिलने से मर रहे हैं, तो वहीं आईसीयू वार्ड और आइसोलेशन वार्ड में मरने वालों के शव घंटों पलंग से हटाए नहीं जा रहे हैं। ऐसे में दूसरे मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। गुरुवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होने के चलते एक बुजुर्ग महिला को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा सका, क्योंकि कोरोना से एक मरीज की मौत होने के बाद सुबह 10 बजे तक उसका शव पलंग पर ही पड़ा रहा। नतीजतन ऑक्सीजन की उम्मीद में महिला की भी सांसें टूट गईं। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. अमित चौधरी का कहना है कि कोविड में साफ निर्देश हैं कि संक्रमित की मौत के बाद शव को तत्काल पलंग से हटाया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ है, तो उसे दिखवाते हैं।

5 लोगों का मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार, दो को कब्रिस्तान में दफनाया, कोरोना संदिग्द्ध मां-बेटे भी शामिल

गुरुवार को बानपुर रोड स्थित मुक्ति धाम में 5 लोगों का कोविड गाइड लाइन के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। इनमें दो संदिग्ध संक्रमित पपौरा निवासी मां-बेटे भी शामिल हैं। जिनके शव बुधवार की शाम को घर में पड़े मिले थे। वहीं ताल दरवाजा और खरगापुर निवासी सहित एक अन्य का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में किया गया। वहीं एक मुस्लिम और एक ईसाई को बड़े कब्रिस्तान में दफनाया गया।

70 साल की महिला की ऑक्सीजन की उम्मीद में टूटी सांस

सिविल लाइन निवासी 70 वर्षीय महिला को दो दिन पहले जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। जहां उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 80 से नीचे चला गया। वार्ड में उन्हें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई

लेकिन उनका सेचुरेशन नहीं बढ़ा, तो गुरुवार को उनके परिजन ने डॉक्टरों अौर स्टॉफ से आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने की मिन्नतें कीं, लेकिन किसी ने एक न सुनी। दोपहर 12.30 बजे उनकी सांसें टूट गईं।

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