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वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी धीमी:टीकमगढ़-निवाड़ी जिले में अब तक केवल 14% टीकाकरण

टीकमगढ़2 महीने पहले
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वैक्सीनेशन करवाने पहुंची महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरपंच ने बांटी साड़ियां - Dainik Bhaskar
वैक्सीनेशन करवाने पहुंची महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरपंच ने बांटी साड़ियां
  • कुंडेश्वर पंचायत में 95% और मनपसार में 85% टीकाकरण

जिले में अब शासन-प्रशासन का ध्यान वैक्सीनेशन पर है, लेकिन पर्याप्त डोज न मिलने से वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी धीमी है। टीकमगढ़ निवाड़ी जिले की 18 प्लस, 45 प्लस, 60 प्लस के साथ फ्रंट लाइन और हेल्थ वर्कर को मिलाकर 11 लाख 16 हजार 322 आबादी को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया था।

जिनमें से महज 14 फीसदी को ही अब तक पहला डोज लग पाया है। साथ ही जिन लोगों को पहला डोज लगा है उसमें से सिर्फ 14.44 फीसदी को दूसरा डोज लगा है। जो कुल लोगों का मात्र 2.03 प्रतिशत है। टीकमगढ़ व निवाड़ी जिले में 18 प्लस की करीब 6 लाख 80 हजार लोगों में से सिर्फ 4.96 फीसदी काे वैक्सीन लगी है।

इनमें भी महज 3.50 फीसदी को दूसरा डोज लगा। वहीं 45 से 60 प्लस के 4 लाख 25 हजार में से 1 लाख 12 हजार 45 को ही पहला डोज लग पाया। उनमें से 12.50 फीसदी ने दूसरा डोज लगवाने में रूचि दिखाई है।

कुंडेश्वर धाम में शुक्रवार को वैक्सीन कैंप ग्राम पंचायत भवन में आयोजित किया गया। पंचायत सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को 150 लोगों को वैक्सीन दी गई। कुंडेश्वर के सरपंच चंदन सिंह ने वैक्सीन का पहला डोज लगवाने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए साड़ियां वितरित कीं।

सेक्टर मेडिकल ऑफीसर डॉ. शांतनु दीक्षित ने बताया की कुंडेश्वर पंचायत में 2692 मतदाता हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 200 लोग ही गांव में शेष बचे हैं। जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है। एसडीएम मिश्रा ने बताया कि शनिवार को एक विशेष टीम बनाकर गांव के शेष लाेगों को टीका लगाया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो शनिवार को कुंडेश्वर पंचायत 100 फीसदी वैक्सीनेशन वाला जिले का पहला और प्रदेश का तीसरा या चौथा गांव होगा।

घर-घर संपर्क

सरपंच की जागरुकता से मनपसार में 85% वैक्सीनेशन

मनपसार गांव के सरपंच अरविंद सिंह बताते हैं कि गांव के लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर काफी भ्रांतियां फैल गई थीं। उन्हांेने बल्देवगढ़ में जाकर वैक्सीन लगवा ली थी, ऐसे में गांव के लोगों को भरोसा नहीं था कि वैैक्सीन लगवाई या नहीं। तब गांव के लोगों को जागरूक करने उनके घर-घर पहुंचा।

लोगों को जागरूक करने के लिए कहा कि मेरी पत्नी को भी वैक्सीन लगना है, आप लोग जिस बॉयल से कहोगे उसी बॉयल से अपनी पत्नी को टीका लगवा दूंगा। वैक्सीन से डरने की जरूरत नहीं है। तब गांव के लोगों ने कहा कि सुना है वैक्सीन लगने के बाद काफी बुखार आता है।

तब गांव के लोगों से कहा कि जिसको भी बुखार आए और इलाज कराना हो मुझे बताना, मैं सभी के साथ हरदम खड़ा हूं। इसके बाद लोगों में जागरूकता आई, आज गांव में 85 फीसदी से अधिक लोगों को अब तक टीका लग चुका है। गांव की महिलाएं जो टीकाकरण कराने संेटर पर पहुंची, उन्हें अपनी तरफ से साड़ी और फल देकर सम्मानित किया।

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