रैगांव में मान गया बागरी परिवार:भाजपा से बागी हुए पूर्व मंत्री बागरी के बेटे और बहू ने मैदान छोड़ा, नामांकन वापस लेने पहुंचीं वंदना रो पड़ीं

सतना3 महीने पहले
रिटर्निंग अफसर के सामने ही वंदना फॉर्म वापस लेते वक्त भावुक होकर रो पड़ीं।

सतना के रैगांव विधानसभा उपचुनाव में बुधवार को भाजपा के लिए राहत वाली खबर आई है। टिकट नहीं मिलने से बागी हुए पूर्व मंत्री और दिवंगत विधायक जुगल किशोर बागरी के बेटे और बहू ने नामांकन वापस ले लिया है। पुष्पराज बागरी तो नामांकन भरने के बाद ही सभा करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले थे। इसके बाद उनके नाम वापसी की चर्चा तेज हो गई थी। वहीं, जुगल किशोर बागरी की छोटी बहू वंदना देवराज बागरी मैदान में डटी हुई थीं, हालांकि नाम वापसी के आखिरी दिन जब वे पर्चा वापस लेने पहुंचीं तो अपने आंसू रोक नहीं पाईं। रिटर्निंग अफसर के सामने ही वंदना रो पड़ीं।

नाम वापसी के अंतिम दिन बुधवार को लोगों की निगाहें वंदना पर टिकी हुई थीं। पुष्पराज तो अपना निर्दलीय पर्चा वापस ले जा चुके थे, लेकिन वंदना निर्दलीय मैदान में बनी हुई थीं। मंगलवार की रात खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश ताम्रकार और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र प्रताप सिंह से हुई मुलाकात के बाद उन्होंने नाम वापस लेने का आश्वासन तो दिया था, लेकिन दोपहर ढाई बजे तक वे कलेक्ट्रेट नहीं पहुंचीं। हर कोई वंदना के अगले कदम का इंतजार कर रहा था।

फॉर्म वापसी के दौरान वंदना।
फॉर्म वापसी के दौरान वंदना।

करीब पौने 3 बजे वंदना अपने पति देवराज बागरी, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र प्रताप सिंह के साथ रिटर्निंग अफसर नीरज खरे के समक्ष पहुंचीं। यहां उन्होंने नाम वापस लेने की प्रक्रिया काे पूरा किया। इस दौरान उनकी आंखें छलक पड़ीं, हालांकि उन्होंने भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश भी की, लेकिन आंसू रोके नहीं रुके।

नामांकन वापस लेकर निकलीं वंदना ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से पर्चा वापस लिया है। वे पार्टी के लिए काम करेंगी और भाजपा को विजयी बनाने के लिए ताकत लगाएंगी।

16 प्रत्याशी अब मैदान में
वंदना की नाम वापसी के साथ रैगांव के चुनावी मैदान से 3 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। नाम वापस लेने वालों में दिवंगत विधायक के बड़े पुत्र पुष्पराज बागरी, छोटी बहू वंदना देवराज बागरी और राकेश कोरी शामिल हैं। अब रैगांव का मुकाबला 16 अभ्यर्थियों के बीच होगा, जिसमें दो ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल होगा।

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