बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़:सतना पुलिस ने नाबालिग समेत 5 बाइक चोर को किया गिरफ्तार, 14 बाइक जब्त

सतना11 दिन पहले
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सतना पुलिस ने बेहद शातिर वाहन चोरों के गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इनमें एक नाबालिग लड़का भी शामिल है। पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के कब्जे से 14 बाइक भी बरामद की हैं।

पुलिस के मुताबिक सतना शहर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने वाहन चोरों की एक शातिर गैंग को पकड़ कर चोरी की 15 बाइक बरामद की हैं। पकड़े गए बदमाशों में शरद विश्वकर्मा पिता पप्पू विश्वकर्मा 23 वर्ष निवासी गिंजारा नागौद, सूरज उर्फ चिकनी कुशवाहा पिता राजू कुशवाहा 22 वर्ष निवासी नायगांव बारा पत्थर नागौद, विजय चौधरी पिता शिव प्रसाद चौधरी 18 वर्ष निवासी वीरपुर नागौद और छोटू चौधरी पिता भगवान दीन चौधरी 28 वर्ष निवासी वीरपुर नागौद शामिल हैं।

इनके अलावा इस गिरोह का एक नाबालिग लड़का भी पुलिस की पकड़ में आया है। वाहन चोरों के कब्जे से सतना शहर, नागौद, उचेहरा, रामपुर और रीवा से चुराई गई 14 बाइक बरामद की गई हैं। इसके अलावा कई मास्टर चाभी और नंबर प्लेट भी बरामद की गई हैं।

11 लाख रुपए की 14 बाइक जब्त

सीएसपी महेंद्र सिंह ने रविवार की रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी की टीम ने पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर जगह-जगह छापामारी कर लगभग 11 लाख रुपए मूल्य की 14 बाइक बरामद की हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। संभावना है कि अभी कुछ और वाहन भी मिल सकते हैं।

सीएसपी ने बताया कि रैगांव मोड पर वाहन चेकिंग के दौरान सिविल लाइन पुलिस ने 2 बाइकों पर जा रहे 5 लोगों को पकड़ा था। वे न तो वाहन के कागजात पेश कर पाए थे और न ही सही जवाब दे पा रहे थे।

मास्टर चाभी से खोलते थे गाड़ी की लॉक

संदेह पर वाहनों के नंबर प्लेट की जांच पोर्टल पर की गई तो नंबर फर्जी निकले लिहाजा उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई। पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए नाबालिग समेत पांचों लोग वाहन चोर गिरोह चलाते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे गाड़ी चिन्हित करने के बाद मास्टर चाभी से ताला खोलते थे और वाहन चुराने के बाद उसकी नंबर प्लेट बदल देते थे।

इन वाहन चोरों के निशाने पर कचहरी, अस्पताल और बस स्टैंड जैसे भीड़ वाले स्थान होते थे। कचहरी में ये जब भी पेशी में जाते थे, वहां से लौटते वक्त वाहन चोरी कर ले जाते थे। चोरी किए वाहनों को ये ग्रामीण क्षेत्रों में औने पौने दामों में बेच भी देते थे।

सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी ने बताया कि सब इंस्पेक्टर सुभाषचन्द्र वर्मा, एएसआई राजेन्द्र मिश्रा, हेड कांस्टेबल अजीत मिश्रा,आरक्षक प्रशांत परौहा, अंकेश मरमट, शिवम शुक्ला, रवि पांडेय, विकास सिंह और साइबर सेल के सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह व एएसआई दीपेश पटेल ने जगह-जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और घटनाओं की तस्दीक कर वाहन जब्त किए।

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