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  • UP Police Is Accused Of Kidnapping The Deceased From Satna And Killing Him, The Body Was Found After The Intervention Of Chitrakoot MLA, The Court Ordered To Register A Case

एसपी समेत 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश:यूपी पुलिस पर मृतक को सतना से अगवा कर उसकी हत्या करने का है आरोप, चित्रकूट विधायक के दखल के बाद मिला था शव, अदालत ने दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश

सतना2 महीने पहले
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जिले के नयागांव थाना इलाके में रहने वाले एक शख्स की मौत के मामले में यूपी पुलिस के 15 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं। यूपी पुलिस ने उसे डकैत गिरोह का सदस्य बताते हुए मुठभेड़ में मारने का दावा किया था, जबकि उसकी पत्नी ने इसे हत्या बताते हुए कोर्ट की शरण ली थी। इस मामले में चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी का भी समर्थन पीड़ित परिवार को मिला था।

साढ़े पांच लाख इनामी डकैत गौरी यादव के साथी भालचंद्र को एसटीएफ और जिला पुलिस ने 31 मार्च को मुठभेड़ में मार गिराया था। डकैत भालचंद्र के परिवार ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कोर्ट की शरण ली थी। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र ने गुरुवार को 156 (3) के तहत तत्कालीन एसपी अंकित मित्तल समेत एसटीएफ और पुलिस के 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं।

गौरी यादव गैंग का सक्रिय सदस्य 25 हजार के इनामी डकैत भालचंद्र को एसटीएफ व पुलिस ने बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के माड़ो बांध के पास मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। मध्यप्रदेश जिला सतना के नयागांव थाना क्षेत्र के पड़वनिया निवासी भालचंद्र की पत्नी नथिया ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसका पति अपने भाई लालचंद्र के साथ 31 मार्च को बाइक से सतना न्यायालय पेशी में गए थे। दोपहर में लौटे रहे थे तो कोठी के पास स्कॉर्पियो ने ओवर टेक किया और गेट खोलकर दोनों को गिरा दिया।

स्कॉर्पियो में सवार एसटीएफ के जवान पति को गाड़ी में अपहरण कर ले गए और लालचंद्र को बाइक में बैठाकर ले गए। शाम 7 बजे उनको सूचना मिली कि यूपी एसटीएफ, चित्रकूट की स्क्वायड टीम, थाना प्रभारी बहिलपुरवा व मारकुंडी और उनके हमराही ने एसपी अंकित मित्तल के निर्देशन पर गौरी गैंग के साथ मुठभेड़ में भालचंद्र की गोली लगने की मौत हो गई है।

शव का एक्स-रे व पोस्टमार्टम भी कराया। खुद को फंसता देख एसटीएफ ने शव को परिजनों को नहीं दिया और चोरी छिपे अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया, लेकिन मध्यप्रदेश जिला सतना के चित्रकूट विधायक नीलांशू चतुर्वेदी के हस्ताक्षेप से शव परिजनों को मिला। उसका 2 अप्रैल को पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

नथिया के वकील राजेंद्र यादव ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय दस्यु प्रभावित क्षेत्र विनीत नारायण पांडेय ने प्रार्थना पत्र स्वीकर करते हुए बहिलपुरवा थाना प्रभारी को एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

इनके खिलाफ थी शिकायत

एसपी अंकित मित्तल, एटीएफ के एसआई अमित कुमार तिवारी, एसआई संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल उमाशंकर, आरक्षक भूपेंद्र सिंह व शिवानंद, स्क्वायड टीम प्रभारी एसआई श्रवण कुमार सिंह व अनिल कुमार बाबू, हेड कांस्टेबल रईश खान, आरक्षक धर्मेंद्र कुमार वर्मा व राहुल यादव, बहिलपुरवा थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह, मारकुंडी थाना प्रभारी रमेशचंद्र, रामकेश कुशवाहा के खिलाफ शिकायत कर इन्हें पार्टी बनाया गया था।

मुठभेड़ के फर्जी होने का आरोप

मृतक भालचंद्र यादव के वकील रामनरेश त्रिपाठी ने बताया कि डकैत भालचंद्र यादव निवासी पड़मनिया जागीर थाना मझगवां जिला सतना पर एमपी से 5 हजार और यूपी से 25 हजार का इनामी था। 23 फरवरी 2021 को मझगवां पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था।

उसकी जमानत 27 फरवरी को ही हो गई थी। 31 मार्च को वह सतना न्यायालय पेशी पर अपने भाई के साथ आया था। वह 2 बजे सतना से रवाना हुआ और 6 बजे यूपी एसटीएफ उसका एनकाउंटर कर देती है। अब भला इतनी जल्दी उसके पास कहां से हथियार आ गए और वह किसका अपहरण कर सकता है। यही नहीं मृतक डकैत के भाई दूसरे दिन यूपी के मारकुंडी थाने में गिरफ्तारी दिखाई जाती है। साथ ही उसके पास से हथियार बरामद होते हैं। ऐसे में साफ प्रतीत होता है कि यह पूरा एनकाउंटर फर्जी है। यूपी पुलिस ने अपने नंबर बढ़ाने के लिए ऐसा किया है।

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