हादसों की संख्या बढ़ी:नेशनल व स्टेट एक्सप्रेस-वे पर रात में खड़े वाहनों को हटाने में बरती जा रही लापरवाही

आष्टा2 महीने पहले
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स्टेट फोरलेन भोपाल-इंदौर हाईवे तथा आष्टा-कन्नौद नेशनल हाईवे मार्ग पर रात के समय खराब व अन्य खड़े वाहनों को हटाने में फिर से लापरवाही देखने को मिल रही है। जबकि वैसे ही उक्त मार्ग पर हादसों का सिलसिला बना रहता है। उसके बाद भी तीनों थानों के पुलिस गश्ती वाहन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

यह वाहन चालक भी लापरवाही बरतते हुए बिना पार्किंग लाईट जलाए ही छोड़ देते हैं। जिससे रात में आने वाले वाहनों को पास आने पर ही दिखाई पड़ता है। जिससे हादसे होते हैं। इसी तरह नगर से निकले आष्टा-कन्नौद नेशनल हाईवे पर भोपाल नाके से लेकर मंडी तक तीन किमी के दायरे में दिन व रात में सड़क किनारे वाहन खड़े मिलेंगे।

वहीं भोपाल-इंदौर फोरलेन हाईवे पर अमलाहा से लेकर जावर तक तीन थाने व एक पुलिस चोकी होने के बाद भी वाहनों की अव्यवस्था देखने को मिल रही है। इस बीच काफी संख्या में खुले ढाबों ने इसे ओर बिगाड़ कर रखा हुआ है। जबकि पुलिस के गश्ती वाहन में जवान भी इसे अनदेखा करते हैं। जिससे हाईवे पर हादसों का सिलसिला लगातार बना रहता है।

सड़क किनारे खड़े होने पर कार्रवाई नहीं होने से हादसों का कारण बन रहे हैं। इस तरह जहां सड़क किनारें जगह दिखती है वहीं पर अपने वाहन को खड़ा कर देते हैं। इससे दूसरे आने-जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। भोपाल-इंदौर हाईवे व आष्टा कन्नौद रोड पर सड़क के दोनों और ट्रकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है।

जिससे हाईवे गली के रूप में तब्दील हो गया है इससे दूसरे वाहनों को क्रास होने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नगर के सुरेश बाथम, विक्रम मालवीय, गोकुल सेन ने बताया कि हाईवे के शुजालपुर मार्ग स्थित चौपाटी चौराहा पर ट्रक व अन्य वाहन पर सुबह के समय खड़े हो जाते हैं। जिससे आष्टा व शुजालपुर से आने वाले वाहन चालकों को हाईवे से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते हैं।

पुलिस गश्त के बाद भी लापरवाही
पुलिस अधिकारियों की माने तो उनके जवान रात में हाईवे पर पेट्रोलिंग गश्त करते हैं। इसके बाद भी सड़क किनारे खड़े खराब वाहनों तथा ढाबों के पास सड़क पर खड़े वाहनों को तरतीब से नहीं लगवाया जाता है।

अब तक 7 लोगों की मौत
हाईवे के अमलाहा से लेकर मेहतवाड़ा सरहदी तक पिछले एक महीने में 7 लोगों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी हैं। इसमें अधिक हादसे छोटे चार पहिया वाहन तथा बाइक के हैं। साथ ही 20 से 25 लोग घायल हो चुके हैं।

हाईवे पर बिगड़ती व्यवस्था
नेशनल व स्टेट फोरलेन हाईवे पर स्थित ढाबों पर ट्रक चालक अपने वाहन को खड़ा करके सो जाते है। दूसरे निकलने वाले वाहनों की परेशानी को नहीं देखते है।

इन पाइंटों पर धीमे चलें
फोरलेन हाईवे पर सबसे अधिक हादसों का सिलसिला अमलाहा गांव से शुरू होता है। इसके अलावा कोठरी बस स्टैंड, बेदाखेड़ी, किलेरामा, आष्टा-शुजालपुर चौराहा, डाबरी मार्ग, मालीपुरा चौराहा, मार्डन डेरी, पगारिया राम, चन्नौड़ा जोड़, रूपेटा जोड़, खड़ी, डोडी-आमला मज्जू चौराहा, जावर जोड़, मेहतवाड़ा सेल फैक्ट्री, सेमलीबारी टर्न आदि प्रमुख हैं।

निर्देश दिए हुए हैं
हाईवे पर होने वाले हादसों को देखते हुए पेट्रोलिंग करने वाले थानों को सड़क पर अवैध पार्किंग में खड़े वाहन को हटाने के निर्देश दिए हुए हैं। -मोहन सारवान, एसडीओपी

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