किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार:मानसून के रूठने से रुकी बोवनी, आष्टा में बढ़ा मक्का का रकबा‎

आष्टाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 3500 हेक्टेयर में होगी मक्का की बोवनी, 10 प्रतिशत क्षेत्र में हो चुकी बोवनी‎

रूठे मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा‎ दी है। जून के अंतिम सप्ताह तक बारिश‎ अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने से किसानों ने बोवनी रोक दी‎ है। सोमवार को भी बारिश नहीं हुई। किसानों का कहना है, बारिश की देरी‎ के कारण बोवनी पिछड़ सकती है, इससे उत्पादन प्रभावित होगा।

बारिश‎ नहीं होने से खेतों की नमी कम हो गई‎ है। किसान यदि बोवनी करते हैं और‎ बारिश नहीं होती है तो दोबारा बोवनी‎ करना पड़ सकता है। ब्लॉक में‎ सोयाबीन की अपेक्षा मक्का की बाेवनी‎ हाे रही है। विभाग ने यहां पर कुल 1 लाख हेक्टेयर से अधिक में खरीफ की बुआई का लक्ष्य रखा है। जिसमें 3500‎ हेक्टेयर में मक्का बोने का लक्ष्य‎ निर्धारित किया है।‎

कृषि विभाग ने बताया क्षेत्र में सोयाबीन‎ का रकबा 97000 हेक्टेयर, मक्का‎ 3500 हेक्टेयर, मूंगफली 70‎ हेक्टेयर, धान 70 हेक्टेयर, मूंग 2‎72 हेक्टेयर, उड़द 360 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है।‎ किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे‎ हैं। जिसके बाद ही क्षेत्र में बोवनी के‎ काम में तेजी आएगी।

क्षेत्र के किसान चंदन सिंह मालवीय, महेश मेवाड़ा कमल सिंह परमार ने बताया पिछले‎ साल की तुलना में अधिकांश किसानों ने‎ अभी तक बोवनी नहीं की है। वे बारिश‎ का इंतजार कर रहे हैं। बारिश होते ही‎ बोवनी शुरू हो जाएगी।‎

अंकुरित नहीं होगा बीज

किसानों ने बताया कि अभी तक क्षेत्र‎ में जितनी बारिश हुई है, उससे जमीन में‎ केवल नमी ही आई थी। लेकिन अचानक बारिश रुक गई। ऐसे में यदि किसान‎ बोवनी करते हैं, तो बीज अंकुरित नहीं‎ होगा और किसानों को नुकसान उठाना‎ पड़ेगा। कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह‎ दी है कि किसान जमीन में पर्याप्त नमी‎ आने के बाद ही बोवनी करें।‎‎

10 -15 प्रतिशत बोवनी हुई‎

अंचल के ग्रामों में बीते एक सप्ताह में कभी‎ रिमझिम कभी तेज बारिश होने से किसानों को काफी राहत‎ मिली। किसानों ने अपने खेतों में खरीफ फसल की बोवनी‎ शुरू कर दी। कृषि विभाग के बीएस मेवाड़ा ने बताया अंचल के ग्रामों के‎ लगभग 10 से 15 प्रतिशत किसानों ने अपने खेतों में‎ खरीफ फसल की बोवनी शुरू कर दी।

खबरें और भी हैं...