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  • This Time The Assessment Of Loss Will Not Be Done By Harvesting Experiment, But On The Basis Of Remote Sensing Technology.

किसान 1 से 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा:इस बार हानि का आंकलन फसल कटाई प्रयोग से नहीं, बल्कि रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी के आधार पर होगा

आष्टाएक महीने पहले
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आष्टा ब्लाक में किसान 1 से 15 अगस्त तक खरीफ फसलों का बीमा करा सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से खरीफ 2022 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। तहसीलदार लाखनसिंह चौधरी ने बताया कि इस बार खरीफ मौसम की अधिसूचित फसलों का बीमा कराने के लिए तिथि निर्धारित की गई है। इसके लिए अऋणी किसान अधिसूचित फसलों का बीमा बैंक/लोक सेवा केन्द्र एवं निर्धारित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से स्वैच्छिक रूप से करवा सकते हैं।

बता दें कि ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंकों के माध्यम से किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा खरीफ 2020 से किसानों के लिए योजना को ऐच्छिक किया गया है। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बीएस मेवाड़ा ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार बीमित फसलों में जिला स्तर पर उड़द एवं मूंग, तहसील स्तर पर ज्वार, कोदो, कुटकी, मूंगफली, तिल व कपास तथा पटवारी हल्का स्तर पर धान सिंचित, धान असिंचित, सोयाबीन, मक्का, बाजरा व अरहर शामिल है। खरीफ मौसम में सभी अनाज दलहन, तिलहन फसलों के लिए बीमित राशि का मात्र अधिकतम 2 प्रतिशत किसानों द्वारा देय है।

बीमा कराने अऋणी किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेजों में फसल बीमा प्रस्ताव फार्म, आधार कार्ड, पहचान पत्र शासन द्वारा मान्य दस्तावेजों में भू-अधिकार पुस्तिका तथा बुआई का प्रमाण पत्र पटवारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी होना चाहिए। शासन की स्वीकृति के बाद कंपनियों की सूची जारी कर दी। खास बात यह है कि वर्ष 2022-23 में फसल हानि का आकलन फसल कटाई प्रयोग के आधार पर न होकर रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाएगा। खरीफ की अधिसूचित फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 15 अगस्त है।

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