ऑक्सीजन प्लांट का हुआ लोकार्पण:स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सिविल अस्पताल में डॉक्टर की कमी को प्राथमिकता से पूरा करेंगे

आष्टा3 महीने पहले
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ऑक्सीजन प्लांट कार्यक्रम को संबोधित करते प्रभारी मंत्री आष्टा। सिविल अस्पताल के वार्डों में मरीजों से हाल-चाल जानते स्वास्थ्य मंत्री। - Dainik Bhaskar
ऑक्सीजन प्लांट कार्यक्रम को संबोधित करते प्रभारी मंत्री आष्टा। सिविल अस्पताल के वार्डों में मरीजों से हाल-चाल जानते स्वास्थ्य मंत्री।

नगर के सिविल अस्पताल में यूनीसेफ की सहायता से 150 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। उसके लोकार्पण के लिए गुरुवार रात को लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण तथा जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का एकाएक कार्यक्रम जारी हुआ था। इसकी अधिक जानकारी न तो भाजपा पदाधिकारियों को लगी न क्षेत्रीय विधायक को लगी। वह भी कार्यक्रम के आधे घंटे बाद पहुंचे। इस वजह से कार्यक्रम स्थल भी खाली रहा। जिसे बाद में अस्पताल स्टाफ से भरा गया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री चौधरी जारी कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को सुबह 9 बजे पहुंचना था, लेकिन वह 15 मिनट पहले ही अस्पताल में पहुंच गए। श्री चौधरी ने आते ही सिविल अस्पताल के निरीक्षण पर चले गए। इस दौरान उन्होंने लेबर रूम में पहुंचकर वहां पर प्रसूताओं काे मिलने वाली राशि के बारे में सीएमएचओ डॉ. श्री डेहरिया व बीएमओ डॉ.प्रवीर गुप्ता से जानकारी ली।

इसके बाद लैब में पहुंचकर पूछा कि जांचे कितनी प्रकार की हाे रही हैं। इस पर सीएमएचओ ने कहा कि 100 प्रकार की हो रही है, लेकिन लैब प्रभारी ने कहा कि 65 प्रकार की हो रही है। इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आप कुछ बता रहे हैं ओर यह कुछ बता रही हैं। इस पर लैब प्रभारी ने वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने एक्स-रे, सिटी स्कैन का भी निरीक्षण किया।

आष्टा को मिले दो ऑक्सीजन प्लांट
मंच से संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि आज दूसरे आक्सीजन प्लाट का लोकार्पण हो रहा है। 150 एमपीएम ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण हो रहा है। यूनीसेफ की मदद से पूरे मप्र में 9 स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। सीहोर जिले में आष्टा व बुदनी में प्लांट लगाए गए हैं।

वैसे तो प्रदेश में सरकार विकास कार्य कर रही है, लेकिन यह सीएम का जिला है इसलिए यहां कोई कमी नहीं रह सकती है। यहां पर सिटी मशीन भी स्थापित है। जिसका संचालन भी विधिवत रूप से किया जा रहा है। डॉक्टर्स को लेकर समस्या सामने आई है।

शिवराजजी के नेतृत्व में जनभागीदारी का मॉडल मप्र में बनाया गया है। ड्रिस्ट्रिक क्राईसेस मैनेजमेंट कमेटियां, ब्लाक मैनेजमेंट कमेटी, विलेज,वार्ड लेबल कमेटी बनाई हैं। जिसमें जनता को भागीदारी करके एक मैनेजमेंट किया है। उक्त मॉडल काे दूसरे प्रदेशों ने भी सराहा है।

डॉक्टर्स को लेकर मिला आश्वासन
हमने अभी मप्र में 300 डॉक्टरों की मेडिकल आफिसर के तौर पर नियुक्ति की है। मप्र में स्पेशलिस्ट की मप्र में कमी है। उसे लेकर प्लान किया है। मंत्री ने कहा कि सरकार के द्वारा तो हमारा प्रयास रहेगा कि जैसे-जैसे पलब्धता रहेगी चाहे मेडिकल ऑफीसर हो या स्पेशलिस्ट उसमें आष्टा की प्राथमिकता रहेगी। साथ ही कहा कि हम जो एनआरएच के माध्यम से संविदा नियुक्ति करते हैं तो आप लोगों के आसपास जो डॉक्टर हो काम करना चाहते हो जो यहां पर काम करना चाहते हैं। उनकी हम नियुक्ति करेंगे।

संजीवनी केंद्र खोले जाएंगे
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शहरी एरिया में भी 20 से 25 हजार की पापुलेशन पर एक संजीवनी केंद्र खोल रहे हैं। पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र में भी 263 केंद्र खोले गए थे। कार्यक्रम को यूनिसेफ टीम की रत्ना जलपा, विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, पूर्व विधायक अजीत सिंह, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष ललित नागौरी, नगर मंडल अध्यक्ष अतुल शर्मा ने संबोधित किया। इसके पश्चात प्रभारी मंत्री ने विधिवत ऑक्सीजन प्लांट का फीता काटकर लोकार्पण किया।

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