लोक अदालत का आयोजन:5 करोड़ 89 लाख के 1275 प्रकरणों का हुआ निराकरण

सीहोर4 दिन पहले
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शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरएन चंद ने किया। नेशनल लोक अदालत में 1275 प्रकरणों का निराकरण हुआ।

विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 24 खण्डपीठ बनाई गई थी। लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराए जाने के लिए न्यायालय में लंबित कुल 4515 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 436 का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर हुआ।

इस दौरान समझौता राशि 3 करोड़ 88 लाख 20 हजार 963 रूपए जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष कुल प्रिलिटिगेशन के 17 हजार 248 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 796 प्रकरणों का निराकरण होकर समझौता राशि एक करोड़ 96 लाख 85 हजार 257 रूपए जमा कराई गई।

साथ ही नॉन कंपाउडेबल प्रकरणों में 45 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 43 प्रकरण निराकृत हुए और समझौता राशि 4 लाख 78 हजार 100 रुपए जमा की गई। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 1275 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 5 करोड़ 89 लाख 85 हजार 320 रुपए समझौता राशि जमा हुई।

पति पत्नी में हुआ समझौता शर्मिला और बालाप्रसाद के प्रकरण में दोनों का विवाह 20 वर्ष पूर्व हुआ था। इस प्रकरण में न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार अग्रवाल ने दोनों पक्षों को कई बार समझाइश दी। इस पर आपसी सहमति के आधार पर राजीनामा किया। अधिवक्ता स्वप्निल सक्सेना की भी राजीनामा कराए जाने में महत्वपूर्ण रही है। राजीनामा होने से दोनों पक्ष खुश हुए और खुशी-खुशी विदा होकर घर लौटे। नेशनल लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनिल कुमार अग्रवाल, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश अशोक भारद्वाज, तृतीय जिला न्यायाधीश अभिलाष जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना नायडू बोडे आदि थे।

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