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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना:398 दूल्हों की बारात- 43.5 डिग्री में लोहा गर्म हुआ तो दूल्हे ट्रॉलियों से उतरकर पैदल चलने लगे

नसरुल्लागंज2 दिन पहले
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बारात में शामिल दूल्हा गर्मी के कारण ट्रॉली गर्म होने से उतर गया। - Dainik Bhaskar
बारात में शामिल दूल्हा गर्मी के कारण ट्रॉली गर्म होने से उतर गया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पिपलानी गांव में शनिवार को 398 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे लेकिन इसमें भी गर्मी आड़े आ गई। दरअसल जब 43.5 डिग्री तापमान के बीच ट्रैक्टर ट्रॉलियों में 398 दूल्हों की बारात निकली। इस दौरान वाहनों का लोहा इतना गर्म हो गया कि कई दूल्हे इनसे नीचे उतर गए और पैदल चलने लगे।

इधर तेज गर्मी को देखते खुद मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को मंच से कहा कि आने वाले समय में ऐसे आयोजन दिन में ना करते हुए शाम के समय किए जाएं जिससे दूल्हा-दूल्हन को परेशानी ना हो। एक पखवाड़े में हुए दो सामूहिक विवाह सम्मेलन में 6 जोड़े ऐसे मिले जिनकी शादी तो कोरोना काल में हो चुकी थी लेकिन योजना का फायदा उठाने के लिए इन्होंने फिर से आवेदन कर दिया था।

जांच में इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया जिससे योजना में फर्जीवाड़ा होने से बच गया। आदिवासी गांव पिपलानी में शनिवार को 43 डिग्री तापमान में पिछड़ा वर्ग के 7, आदिवासी 298 व कोरकू समाज के 93 दूल्हों की बारात निकली। ऐसे में दूल्हे भीषण गर्मी में परेशान होते हुए दिखाई दिए। बारात के दौरान ही दर्जनों की संख्या में दूल्हे ट्रालियों से उतरकर पैदल ही चल पड़े।

ये थे मौजूद
पिपलानी में शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 398 जनजातीय समूह के वर-वधुओं को अपना आशीर्वाद दिया। इस दौरान खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह, मंडला सांसद संपतिया उईके, विदिशा सांसद रमाकांत भार्गव, राज्य सभा सदस्य सुमेर सिंह सोंलकी, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे, पूर्व मंत्री अंतर सिंह आर्य, पूर्व निगम अध्यक्ष गुरुप्रसाद शर्मा, राजेंद्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय, मंडल अध्यक्ष धीरज पटेल, जनपद अध्यक्ष दुलारी धुर्वे सहित बड़ी संख्या में भाजपा जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

फर्जीवाड़ा ऐसे बचा
पहले 6 और अब 2 जोड़े निकले थे विवाहित-
इस योजना की शुरुआत 21 अप्रैल को नसरुल्लागंज से किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। राशि बढ़ने के बाद योजना में कुल 472 वर-वधुओं का पंजीयन हुआ। जब जांच की गई तो पाया कि जिन लोगों ने पंजीयन कराया उनमें से 6 जोड़े पूर्व से विवाहित हैं।

4 जोड़ों के दस्तावेज अपूर्ण थे जिसके चलते यह योजना के लिए अपात्र घोषित हो गए थे। पूर्व विवाहित जोड़ों के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। ऐसी ही स्थिति शनिवार को पिपलानी में देखने को मिली। यहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सम्मेलन में देखने को मिली। इसमें भी दो जोड़े पूर्व विवाहित निकले। उन्हें योजना में शामिल नहीं किया गया।

कई जोड़ों ने सीएम के साथ सेल्फी ली
मुख्यमंत्री के स्वागत की लंबी सूची तैयार कराई गई थी। मुख्यमंत्री ने मंच पर आते ही सीधा माइक पकड़ा और कहा कि बेटियों की शादियों में आया हूं। यहां पर मैं खुद का स्वागत करवाने नहीं बल्कि बेटियों का स्वागत करने आया हूं। इसके बाद वह सीधे मंच से उतरे और इस दौरान कई नव विवाहित जोड़े उत्साहित नजर आए और सीएम के साथ उन्होंने सेल्फी भी ली।

बैतूल और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक दल ने दी आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति
कार्यक्रम में बैतूल व महाराष्ट्र के जनजातीय सांस्कृतिक दल द्वारा एक से बढ़कर आदिवासी नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने सभी दलों को 25-25 हजार रुपए व मंडला सांसद संपतिया उईके ने अपनी ओर से 10-10 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की। सीएम ने कक्षा 10वीं व 12वीं की प्रथम श्रेणी प्राप्त 49 जनजातीय विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।

जनजातीय भाषा व संस्कृति की रक्षा सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी- सीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय भाषा व संस्कृति के सरंक्षण के लिए सरकार अपनी ओर से पूरे प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी भाषा व संस्कृति को ना छोड़े ये संस्कृति की सम्मान की बात है।

जनजातीय समाज को ओर अधिक मजबूत बनाने के लिए वनों पर अधिकार बढ़ाए जाएंगे। साथ ही अन्य योजनाओं के माध्यम से भी लाभ देकर इनका विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इमारती लकड़ी के विक्रय पर 20 प्रतिशत राशि स्थानीय वन समिति को मिलेगी।

तेंदू पत्ता की प्रति 100 गड्डी संग्रहण की राशि 250 से बढ़ाकर 300 रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवार की बेटियों की शादियों को धूमधाम से करना है।

उन्होंने कहा कि कन्या विवाह योजना को अब और अधिक उपयोगी बनाने के लिए राशि बढ़ाकर 55 हजार कर दी गई है, जिससे विवाह के आयोजन से लेकर गृहस्थी की जरूरतों का पूरा सामान जोड़ों को दिया जा रहा है। वधु के खाते में 11 हजार की राशि इसलिए दी जा रही है कि यदि कोई सामान छूट जाता है तो वह खरीद सके।

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