श्रीराम कथा का भी आयोजन:44 यजमानों ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी

श्यामपुर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

नगर के सौंठी रोड पर पाटीदार मोहल्ले में पाटीदार समाज के द्वारा बनवाए गए श्रीराम मंदिर में देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पिछले सात दिनों से चल रहे ग्यारह कुंडात्मक सीताराम महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा था। शनिवार को इस महायज्ञ का समापन हो गया, इस दौरान 44 यजमानों ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी।

यज्ञ के साथ श्रीराम कथा का भी आयोजन किया जा रहा था, जिसका भी शनिवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक श्री नागर ने कहा कि कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा। कलियुग में जीवन के सभी पापों से मुक्ति का एक मात्र आधार भगवान की भक्ति ही है। भगवान का नाम स्मरण करने से ही भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

भगवान नाम में भारी शक्ति है। उन्होंने व्रत उपासना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोई ईश्वर किसी से भूखे पेट रहकर भक्ति करने को नहीं कहते हैं। मन पर नियंत्रण और नाम जाप ही इस जगत में पार लगाने के लिए काफी है। इससे पूर्व वेद मंत्रोच्चारण के मध्य हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन नगर के अलावा अन्य गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने और यज्ञ कुंड के दर्शन के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

भगवान राम का हुआ राज्य अभिषेक
सीताराम महायज्ञ के दौरान रात के समय मथुरा के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा था। इस दौरान रामलीला में कई प्रसंग मंचन के दौरान दिखाए गए। बीती रात को राम रावण युद्ध में रावण वध का मंचन किया गया। इसके बाद भगवान राम का राज्य अभिषेक किया गया। इसी के साथ रामलीला का भी शनिवार को समापन हो गया।

खबरें और भी हैं...