30 सराफा व्यापारियों की जांच:5 के ताैल कांटे सत्यापित नहीं मिले, धनतेरस आज और 170 से ज्यादा दुकानें बाकी

सीहोरएक महीने पहलेलेखक: विवेक दोहरे
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यदि आप धनतेरस और दीपावली पर सोना-चांदी के आभूषण खरीदने जा रहे हैं तो जिस भी ज्वेलर्स के यहां जाएं, वहां पहले तौल कांटों के सत्यापन की जानकारी जरूर ले लें। नहीं तो आपको सही वजन मिल रहा है या नहीं… इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसका प्रमाण पिछले दिनों नापतौल विभाग के निरीक्षण में मिला है। नापतौल विभाग ने सात दिन में 30 सराफा व्यापारियों के यहां निरीक्षण किया, इनमें से पांच ज्वेलर्स के तौल-कांटा सत्यापित नहीं मिले थे। जिले में कुल 2800 व्यापारी हैं और 200 से ज्यादा सराफा का कारोबार करते हैं।

इस हिसाब से 170 से ज्यादा व्यापारी अभी बाकी हैं। नापतौल विभाग ने पूरे प्रदेश में एक साथ ज्वेलर्स के यहां तौल कांटों की जांच की। विभाग ने प्रदेश के 750 सराफा कारोबारियों के यहां तौल कांटों की जांच की। इसमें से 187 तौल कांटे असत्यापित मिले। । ऐसे में विभाग ने सभी असत्यापित तौल कांटे उपयोग करने वाले व्यापारियों पर 2500-2500 रुपए का जुर्माना किया है।

व्यापारी 500 रुपए देने को भी तैयार नहीं
दरअसल नाप-तौल विभाग हर साल अलग-अलग क्षेत्रों में कैंप लगाकर व्यापारियों को तौल कांटे सत्यापित करवाने के लिए नोटिस देता है। सराफा बाजार में तौल के लिए क्लास टू के तौल कांटों का इस्तेमाल होता है। इसकी 200 रुपए सत्यापन फीस और केलिब्रेशन जांच मिलाकर करीब 500 रुपए लगते हैं। सराफा व्यापारी यह खर्च करने को भी तैयार नहीं हैं।

किराना दुकान के तौल कांटे और पैकिंग में भी गड़बड़ी
नापतौल विभाग ने जब निरीक्षण किया तो किराना दुकान के तौल-कांटों में भी गड़बड़ी पाई गई। तीन किराना दुकान पर तौल कांटे सत्यापित नहीं मिले। यही नहीं सुपर बाजार में पैकेज कम्युलिटी के प्रकरण सामने आए हैं। इनके खिलाफ भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

ज्वेलर्स को हर साल तौल-कांटे का सत्यापन कराना जरूरी
नापतौल विभाग के सत्यापन के बाद ही ज्वेलर्स अपने शोरूम पर तौल कांटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। जवेलर्स को विभाग से हर साल तौल कांटे का सत्यापन कराना जरूरी होता है। दरअसल तौल-कांटों का सालभर इस्तेमाल होता है। ऐसे में केलिब्रेशन में अंतर आ सकता है। विभाग इसका सत्यापन करना है। विभाग यह प्रमाण देता है कि ज्वेलर्स जो ज्वेलरी बेच रहा है उसकी तौल सही है।

ग्राहकों को सही तौल मिले इसलिए पूरे प्रदेश में जांच अभियान जारी
नापतौल विभाग के प्रदेश नियंत्रक कैलाश बुंदेला ने बताया कि धनतेरस-दीपावली जैसे त्योहार पर ग्राहकों को सही तौल मिले, इसके लिए प्रदेश में एक साथ ज्वेलर्स के यहां हमने जांच अभियान शुरू किया है। प्रदेश में 187 के तौल कांटे असत्यापित मिले हैं। इन पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं किया तो कोर्ट में प्रकरण दायर किया जाएगा। विभाग की यह जांच आगे भी जारी रहेगी।

अब तक सीहोर में 3 तो रेहटी में 2 सराफा व्यापारियों पर जुर्माना
सीहोर जिले की बात करें तो नापतौल विभाग ने कुल 30 ज्वेलर्स के यहां निरीक्षण किया। जिला नापतौल नियंत्रक एसके बांके ने बताया कि सीहोर के तीन ज्वेलर्स और रेहटी के 2 ज्वेलर्स के यहां तौल कांटे सत्यापित नहीं मिले हैं। इनके खिलाफ 2500-2500 रुपए जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

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