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गड्ढे में गिरे तीन कर्मचारी, एक मिट्टी में दबा:सुरक्षा उपकरण के बिना काम कर रहे थे मजदूर, एसडीएम बोले- जियो कंपनी के खिलाफ लेंगे एक्शन

सीहोर2 महीने पहले

नसरूल्लागंज के पास जियो कंपनी की लापरवाही शनिवार को 3 मजदूरों पर भारी साबित हुई। बिना संसाधन के कंपनी फाइबर केवल डालने का काम कर रही था। इसी बीच 20 फिट गहरे गड्डे में केबल का काम कर रहे मजदूरों पर अचानक मिट्टी धंस गई, जिसकी चपेट में आने से तीनों मजदूर दब गए। मजदूरों ने अपने आपको बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह 20 फिट गहरे गड्डे में मिट्टी से दब गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने जब देखा तो इसकी सूचना प्रशासन को दी। जिसके बाद रेस्क्यू शुरू हो सका। लगभग आधा घंटे में लोगों ने ही दो मजदूरों को निकाल लिया। वहीं 5 घंटे की मशक्कत के बाद तीसरे मजदूर को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू आपरेशन के दौरान प्रशासन ने दो जेसीबी की मदद से जैसे-तैसे मिट्टी से मजदूरों को बाहर निकाला। रात 8:30 बजे के लगभग मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान मजदूर की जिदंगी बचाने के लिए प्रशासन ने लगातार उसे ऑक्सीजन की सप्लाई दी, जिससे वह सुरक्षित बचा रहा।

ऐसे किया रेस्क्यू ऑपरेशन

मजदूर को बचाने के लिए जेसीबी के माध्यम से गड्डे के समांतर एक और गड्डा खोदा गया। इसके बाद मिट्टी निकालने का क्रम शुरू किया। इस दौरान 20 फीट नीचे दबे मजदूर को ऑक्सीजन भी पहुंचाई गई। तब कहीं जाकर 5 घंटे की मशक्कत के बाद तीनों मजदूर सुरक्षित बाहर निकल सके।

ये है पूरा घटनाक्रम

शनिवार दोपहर तीन बजे के लगभग नगर की स्वप्न सिटी के नजदीक इंदौर मार्ग पर जियो कंपनी के कर्मचारी फाइबर केवल लाइन डालने का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जमीन में सीधे अडंर ग्राउंड केवल डालने के लिए ब्लोईंग ड्रील मशीन का उपयोग किया जा रहा था। इस काम में पांच मजदूर लगे हुए थे, जिनमें से एक मजदूर जेसीबी पर, एक ब्लोईंग मशीन, एक मजदूर गड्डे के अंदर और दो मजदूर बाहर केवल अंदर करने का काम कर रहे थे।

जेसीबी की मदद से लगभग 15 से 20 फिट गहरा गड्डा खोदा गया, जिसमें मजदूर संतोष पिता देवलाल निवासी शुजालपुर गड्डे के अंदर उतरकर केवल खेंच रहा था। इसी बीच साइड की मिट्टी धंसककर मजदूर के ऊपर गिरने लगी। यह देख 2 अन्य मजदूर अपने साथी को बचाने के लिए गड्डे में उतर गए, लेकिन मिट्टी का धंसकना बंद नहीं हुआ। जिससे तीनों ही मजदूर मिट्टी में दब गए।

वहां पर मौजूद 2 अन्य कर्मचारियों ने यह बात मार्ग से निकल रहे आमजन और अन्य दुकानदारों को बताई। लोगों ने बिना देर किए प्रशासन को सूचित कर मजदूरों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचता तब तक लोगों ने दो मजदूरों को सुरक्षित निकाला लिया था। लेकिन गड्डे में काम कर रहा तीसरा मजदूर मिट्टी में पूरी तरह से दब चुका था। जिसे निकालने का प्रयास जारी रहा।

ऑक्सीजन के सहारे बचाई मजदूर की जिंदगी

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर प्रशासन मौके पर पहुंचा और मजदूर संतोष को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू कर दिया। गड्डे की गहराई अधिक होने और पुरानी पेयजल लाइन का पानी सीधे गड्ढे में जाने के कारण मजदूर इसमें धंसता ही चला गया। प्रशासन ने सबसे पहले मजदूर के लिए उसे ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू की। लगभग 4 सिलेंडर ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई।

वहीं मजदूर को बचाने के लिए साइड से जेसीबी के माध्यम से मिट्टी को हटाने का रेस्क्यू शुरू किया। अंधेरा होने पर नप ने जनरेटर की मदद से प्रकाश व्यवस्था मुहैया कराई। वहीं मौके पर दो 108 वाहन सहित डॉक्टरों और एसडीईआरएफ, पुलिसकर्मी, नप और स्थानीय प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान 5 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद प्रशासन को सफलता मिली। रात 8 बजकर 10 मिनट पर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिसे प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल नसरुल्लागंज में भर्ती किया गया।

बिना संसाधन के डाली जा रही थी लाइन

जियो कंपनी ने फाइबर केवल डालने के लिए मजदूरों की सुरक्षा के लिए उन्हें कोई संसाधन उपलब्ध नहीं कराए थे। जिससे अचानक ही हादसा घटित होने के बाद मजदूरों की जान पर बन आई। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद भी कंपनी के कोई अधिकारी मौके पर नहीं थे। संसाधन के आभाव में आसपास के रहवासियों ने लकड़ी, चादर, रा टर, तगारी, फावड़े की व्यवस्था की, जिससे मिट्टी को धंसकने से रोका गया।

कंपनी पर की जाएगी कार्रवाई

इस मामले में एसडीएम डीएस तोमर ने बताया कि बिना सुरक्षा संसाधन के नगर की सीमा में काम करने वाली लापरवाह कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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