नियम में बदलाव::5वीं-8वीं की बोर्ड परीक्षा देने बच्चों को जाना होगा दूसरे स्कूल

सीहोर10 दिन पहले
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जिला स्तर पर शुरू हुईं तैयारियां सरकार द्वारा 5वीं व 8वीं की वार्षिक परीक्षा फिर से बोर्ड पैटर्न पर करवाई जा रही है। पिछले साल शासकीय स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा हुई थी। इस साल शासकीय के साथ-साथ अशासकीय स्कूलों को भी शामिल किया गया है। ऐसे में इन बच्चों को राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा दूसरे स्कूल में बनाए परीक्षा केंद्र पर पेपर देने जाना होगा।

इतना ही नहीं कॉपियों की जांच भी रेंडमली आधार पर दूसरे ब्लॉक में करवाने की तैयारी राज्य शिक्षा केंद्र की है। 14 साल पहले प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होती थी। लेकिन फिर इसे सरकार ने बंद कर दिया था। आरटीई लागू होने से बच्चों को आगे की कक्षा में प्रमोट करना शुरु हुआ था।

परीक्षा का भय खत्म होने के कारण 9वीं में बच्चों का रिजल्ट बिगड़ने लगा था। पिछले साल फिर से 5वीं व 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर करवाना शुरु किया था। लेकिन अशासकीय स्कूल संचालकों के विरोध के कारण बोर्ड पैटर्न केवल शासकीय स्कूलों में लागू करते हुए वार्षिक परीक्षा करवाई थी।

इस साल बीच सत्र में सरकार ने अशासकीय स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा करवाने का आदेश जारी कर दिया था। इसका विरोध भी हुआ, लेकिन शासन ने किसी की नहीं सुनी। ऐसे में बोर्ड परीक्षा के पेपर से लेकर परीक्षा केंद्र और कॉपियों की जांच करने तक के तौर-तरीकों में बदलाव कर दिए गए हैं।

ताकि पारदर्शिता बनी रहे और परीक्षा व रिजल्ट पर उंगलियां नहीं उठें। यही कारण है कि विभाग ने 5वीं-8वीं की परीक्षा को लेकर पहली बार बड़ा बदलाव किया है।

वार्षिक परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर ली जा रही है। इसके पेपर देने के लिए परीक्षार्थियों को दूसरे स्कूल में बनाए परीक्षा केंद्र पर पेपर देने जाना होगा। हालांकि इसके लिए नजदीकी स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

समय-समय पर आदेश मिल रहे हैं
कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा शासकीय के साथ-साथ अशासकीय स्कूलों में भी एक साथ एक ही पैटर्न पर होगी। इसे लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश व आदेश मिल रहे हैं। उसी अनुरूप तैयारी की जा रही है। परीक्षा केंद्र व कॉपियां जांचने को लेकर अभी अधिकृत आदेश आना बाकी है। फिर भी जिला स्तर पर तैयारी की जा रही है।
-आरआर उईके, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र सीहोर

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