सीहोर मे दंत चिकित्सा शिविर:पंडित प्रदीप मिश्रा बोले - दांतों की समस्या को हल्के में न लें मरीज

सीहोरएक महीने पहले
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दांत शरीर के प्रमुख अंग में शामिल हैं। दांतों में समस्या होने से लोग न ढंग से खाना खा सकते हैं और न ही शीतल पेय पदार्थ का सेवन कर पाते हैं। दांतों में होने वाली बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि कोई बीमारी दांतों में लग गई है तो तत्काल दंत रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें क्योंकि जरा सी लापरवाही खतरनाक हो सकती है। हमारे मुंह के दांत और पेट की आंत हमेशा साफ रहने चाहिए। अधिकांश रोग हमारे मुख से शुरू होते है। उक्त विचार जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में मंगलवार को स्व. डॉ. अनिल शर्मा की स्मृति में आयोजित भव्य दंत चिकित्सा शिविर के शुभारंभ अवसर पर भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे।

समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को आयोजित विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में भव्य निशुल्क दंत चिकित्सा शिविर लगाया गया था। जिसमें 500 से अधिक दंत रोगियों की जांच कर दवाइयां दी गई। शिविर में दांतों में बीमारी, पाईरिया, फ्लोसिस, केविटी के ज्यादा रोगी थे। इस मौके पर यहां पर मौजूद शहर के लोकप्रिय दंत चिकित्सक डॉ. अभिषेक शर्म ने बताया कि पिछले दो सालों से कोरोना संकमण काल के दौरान कोई भी दंत शिविर का आयोजन नहीं किया गया था, लेकिन भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में मेरे पिताश्री स्व.डॉ. शर्मा की स्मृति में यहां पर मौजूद आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों की टीम का यह प्रयास काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कई बार हम दांत दर्द को मामूली बीमारी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

दंत चिकित्सा शिविर में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

यहां पर मौजूद सीनियर दंत चिकित्सक नवीन शर्मा ने बताया कि दांतों का परीक्षण करते हुए बताया कि किस प्रकार से दांत बीमारियों की जकड़ में आते है और इस बीमारी से बचने के लिए क्या-क्या उपाय करना चाहिए, इसके अलावा दांत रोगों की रक्षा के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम टूथ ब्रश आवश्यक है।