लाड़ली लक्ष्मी योजना:प्रदेश की बेटियां अब जन्म से ही लखपति बन रहीं

सीहोर2 महीने पहले
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लाड़ली लक्ष्मी योजना में 15 साल पहले शामिल की गई 3 बालिकाओं को पिछले दिनों मां तुझे प्रमाण योजना के तहत बाघा बार्डर भेजा गया था। इन छात्राओं ने गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद महाविद्यालय में आयोजित लाड़ली लक्ष्मियों तथा उनके अभिभावकों के सम्मान कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल इंजीनियर, विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर, जनपद अध्यक्ष नाबड़ी बाई मौजूद थे।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की वजह से आज प्रदेश की महिलाएं सशक्त बन रही हैं और समाज में अपनी एक अलग पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट ्रीय स्तर पर अपने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

बालिकाओं को किया सम्मानित: कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने जिले की का नाम रोशन करने वाली बालिकाओं और लाड़ली लक्ष्मियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना के 3 प्रमाण पत्र, मेरिट लिस्ट में आने वाली और राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद आदि गतिविधियों में भाग लेने वाली 24 बालिकाओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा एकल परिवार की 3 महिलाओं को भी सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में बालिकाओं ने मार्शल आर्ट के हैरतअंगेज करतब दिखाए।

अनेक योजनाओं का मिल रहा बेटियो को लाभ
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जन्म लेने वाली बेटियां अब जन्म से ही लखपति बन रही हैं। जन्म से लेकर उनके लालन-पालन पढ़ाई और प्रसूति तक के लिए मुख्यमंत्री द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 लागू की है। इस योजना के तहत जब लाड़ली बेटी कॉलेज में प्रवेश लेती है, तब उनके खाते में सरकार की ओर से 12 हजार 500 रुपए जमा कर दिए जाते हैं और अंतिम वर्ष में पहुंचने पर 12 हजार 500 रुपए उनके खाते में जमा कर दिए जाते है।

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