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पांच दिवसीय स्फटिक श्री यंत्र प्राण-प्रतिष्ठा, महालक्ष्मी अनुष्ठान कार्यक्रम आयोजित:रमा एकादशी पर की 1000 कमल पुष्प से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना की, 24 को होगा समापन

सीहोरएक महीने पहले
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सीहोर के भोपाल नाका स्थित कार्य मंगलम में श्री शक्ति सेवा संस्थान के तत्वाधान में हर साल की तरह इस साल भी पांच दिवसीय स्फटिक श्री यंत्र प्राण-प्रतिष्ठा, महालक्ष्मी अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में वेद-पाठी ब्राह्मणों ने रमा एकादशी के पावन अवसर पर श्री यंत्र की पूजन के बाद सर्व औषधी और तीर्थ जल से मां देवी का अभिषेक किया। इसके बाद 1000 से अधिक कमल पुष्प, बिल्व, तुलसी, गुलाब, गेंदा से सहस्त्रार्चन की गई। वहीं ज्योतिषाचार्य अनिल सोनी के द्वारा यज्ञ आचार्य पंडित पीयूष शर्मा के द्वारा यहां पर मौजूद श्रद्धालुओं के द्वारा विशेष अर्चना की गई।

इस मौके पर पंडित शर्मा ने कहा कि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा कहा गया है। रमा का अर्थ लक्ष्मी से है। इसलिए इस दिन लक्ष्मी जी के साथ-साथ विष्णु जी के केशव स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती हैं। यह चातुर्मास की आखिरी एकादशी भी हैं। रमा एकादशी पर पूजा के लिए संध्या काल दीप दान करने से देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं एवं इससे सुख-समृद्धि, धन में वृद्धि होती है और समस्त बिगड़े काम बन जाते हैं।

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। मान्यता है कि अगर सच्चे मन से मां लक्ष्मी की पूजा की जाए तो हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। साथ ही घर में सुख समृद्धि का वास होता है। बिजनेस में भी लाभ होने के साथ-साथ धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों में कई सारे उपाय बताए गए हैं। कुछ विशेष उपायों को करने से घर पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। मां लक्ष्मी की पूजा करने से पैसों की कमी भी नहीं होती है।

24 अक्टूबर को किया जाएगा समापन

ज्योतिषाचार्य श्री शक्ति सेवा संस्थान के आचार्य श्री सोनी ने बताया कि कार्य मंगलम में जारी पांच दिवसीय भव्य आयोजन में पहले दिन 51 ब्राह्मणों के द्वारा भव्य अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया था।

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