स्कूल में छाता तानकर पढ़ाई को मजबूर नौनिहाल:सिवनी में सामने आया सिस्टम की बदहाली का VIDEO, जर्जर छत से टपक रहा बारिश का पानी

सिवनी6 महीने पहले

सिवनी में एक सरकारी स्कूल के बच्चे टपकती छत के नीचे छाता लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। छत से बारिश का पानी टपकता है। आदिवासी बहुल्य घंसौर ब्लॉक के खैरीकला गांव के प्राइमरी स्कूल के ये हालात तब हैं, जब मध्यप्रदेश सरकार अपने स्कूलों को प्राइवेट स्कूल जैसा बनाने के लिए CM राइज स्कूल खोल रही है।

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खैरीकला गांव घंसौर ब्लॉक से 7 किलोमीटर दूर है। यह लखनादौन विधानसभा क्षेत्र में आता है। एक बच्चे के पेरेंट रुस्तम मंसूरी का कहना है, स्कूल की हालत इतनी खराब है कि एक बार तो छत से प्लास्टर का टुकड़ा बच्चे के सिर पर गिर गया था। गनीमत रही गंभीर चोट नहीं आई। इसकी शिकायतें की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। भीकम सिंह परते का कहना है कि उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है।

मरम्मत के लिए कहा, प्रस्ताव स्वीकृत नहीं

शाला प्रबंधन समिति का कहना है कि स्कूल की खराब हालत से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। कई बार मरम्मत के लिए आवेदन दे चुके हैं। घंसौर के बीआरसीसी देवीलाल सेन का कहना है कि स्कूल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव जिला शिक्षा केंद्र को भेज चुके हैं। जैसे ही स्वीकृत होकर रकम आएगी, मरम्मत करवा दी जाएगी।

स्कूल की छत का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ गया है।
स्कूल की छत का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ गया है।

अभी जिला शिक्षा केंद्र पहुंचा है आवेदन...
प्रभारी प्रधान शिक्षक महेंद्र शर्मा ने बताया कि बरसात के दिनों में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरता है। एक बार एक बच्चा भी इसकी चपेट में आ गया था। इस स्कूल के कमरों में पानी टपकता है। कमरों में पानी भी भर जाता है। इस स्थिति में बच्चों को पढ़ाना काफी कठिन है। इस संबंध में हमने मई और जून में इसके लिए आवेदन दिया था। अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस स्कूल के सारे कमरों में पानी टपकता है। बच्चे घर से छाता लेकर आते हैं।
घंसौर बीआरसी देवी प्रसाद सेन ने कहा कि स्कूल भवन जर्जर हो चुका। उसका छप्पर भी गिर गया है। बरसात में पानी भी टपकता है। इसकी मरम्मत के लिए हमने जिला शिक्षा केंद्र में भेज चुके हैं। जैसे ही पैसे आएंगे स्कूल की मरम्मत करवाई जाएगी।

हरदा में उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर 200 बच्चे

हरदा के रहटगांव तहसील के वनग्रामों के बच्चे उफनती नदी को पार कर स्कूल जा रहे हैं। रोजाना करीब 200 स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर गंजाल नदी को पार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर जाने के लिए ये एकमात्र रास्ता है। मंगलवार शाम को भी टेमरुबहार से राजाबरारी और बोरी क्षेत्र में बच्चे उफनती नदी पार करके स्कूल जाते दिखे। छोटे बच्चों को उनके परिजन कंधों पर ले जा रहे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हरदा में बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर स्कूल आना-जाना करते हैं।
हरदा में बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर स्कूल आना-जाना करते हैं।

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