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सिवनी जिले में किसानों की बढ़ी चिंता:जंगली जानवर मक्का फसल कर रहे बर्बाद, खेतों में मौजूद नमी से नहीं भरेगा दाना

सिवनी8 दिन पहले
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सिवनी जिले में जंगली जानवरों के आतंक से किसान काफी चिंतित हैं। ये जानवर मक्के की फसल को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। वहीं, अतिवृष्टि से खरीफ सीजन में लगाई गई मुख्य मक्का फसल पर संकट गहरा गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में एकत्रित पानी व नमी रहने के कारण पौधों में मक्के का दान नहीं भर पाएगा।

पैदावार पर भी पड़ेगा असर

कृषि विज्ञानी व विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिले में ज्यादा वर्षा से मक्के की 15 से 20 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि ज्यादा वर्षा का फायदा आने वाले रवि सीजन की फसलों में किसानों को मिलेगी। नदी, तालाब व बांधों के लबालब भरने रहने के कारण खेतों में नमी बढ़ेगी। ऐसे में गेहूं, चना, सरसों व अन्य फसलों को फायदा मिलेगा।

दोगुना हुई औसत वर्षा दर्ज

जिले में पिछले साल के मुकाबले दो गुना औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सामान्य से करीब 40 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, सिवनी, बरघाट और कुरई विकासखंड में करीब 15 सौ मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। खेतों में पानी भरने के कारण सबसे ज्यादा असर मक्का फसल पर पड़ रहा है। कुछ जगह ताे फसल खराब होने की कगार पहुंच चुकी है। वहीं, बरसात थमने का नाम नहीं ले रही। ऐसे में सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफल्ली जैसी फसलों को नुकसान की संभावना बनी हुई है। किसानों का कहना है कि, धान में खरपतवार का प्रकोप देखा जा रहा है। क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की माँग भी किसान कर रहे हैं।

किसानों के आवेदन के बाद होगा सर्वे

अधिकारियों का कहना है कि किसानों के आवेदन मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों का नियमानुसार सर्वे कराया जाएगा। किसानों का कहना है कि मक्का बोवनी के बाद से ही वर्षा का दौर शुरू हो गया।इसके चलते फसल अधिक नहीं बढ़ पाई। कहीं-कहीं मक्के की फसल को 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

1.51 लाख हेक्टेयर में मक्का फसल

सिवनी, छपारा, केवलारी, धनौरा, लखनादौन व घंसौर क्षेत्र में बहुतायत मक्के लगाया गया है। जिले में 1.51 लाख हेक्टेयर में मक्का फसल लगी है। जबकि 2 लाख हेक्टेयर में धान फसल लगाई गई है। कुल 4.35 लाख हेक्टेयर रकबे में से शेष हिस्से में खरीफ सीजन की अन्य फसलें लगाई गई हैं।

जंगली जानवरों का आतंक

अतिवृष्टि के अलावा बंदर, जंगली जानवर व परिंदे भी मक्का सहित दूसरी फसल को बर्बाद कर रहे हैं। वन के आसपास बंदरों के आतंक से बर्बाद हो रही। फसल से किसान चिंतित हैं। वहीं किसानों द्वारा पूर्व की तरह मक्का फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने जाने की मांग भी की जा रही है।

इस मामले में कृषि कल्याण विभाग के उपसंचालक मोरिश नाथ का कहना है की जिले में पिछले साल की मुकाबले दो गुना वर्षा अभी तक दर्ज की जा चुकी है। ज्यादा बरसात से मक्का फसल के प्रभावित होने की आशंका है। खेत जिस हिस्से में पानी का भराव होता है, वहां पर मक्का फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल मक्का फसल को ज्यादा नुकसान होने की जानकारी कहीं से प्राप्त नहीं हुई है।

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