जान के खतरे के बीच पढ़ने को मजबूर मासूम:आगे खतरनाक तालाब तो पीछे नेशनल हाईवे

शहडोल7 दिन पहले

शहडोल मुख्यालय से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हाईवे से लगा हुआ एक अनोखा माध्यमिक शासकीय विद्यालय है जहां बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस स्कूल के मुख्य गेट के सामने तालाब और स्कूल के पीछे नेशनल हाईवे की सड़क है।

दोनों ही मासूम बच्चों के लिए काल से कम नहीं है। ऐसी स्थिति के बावजूद प्रशासन इसी तरह 2012 से विद्यालय का संचालन कर रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की लेकिन महज कागजी जांच एवं आश्वासन के अतिरिक्त आज तक किसी भी प्रकार एक्शन नहीं लिया गया। जिससे बच्चों का जीवन सुरक्षित किया जा सके।

सवाल विद्यालय के निर्माण को लेकर भी उठते रहे हैं, जहां विद्यालय के लिए मानक स्तर की जमीन एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण, विद्यालयों के लिए एक आवश्यक शर्त मानी जाती है। इसके बावजूद जिला शिक्षा केंद्र, शहडोल ने क्यों सभी पहलुओं को दरकिनार करते हुए विद्यालय का निर्माण किया।

इस संबंध में जब विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका शांति बुनकर ने बताया कि यह पूरी जमीन शासकीय भूमि है। किंतु इस पर एक आदिवासी ने कब्जा कर लिया है। जिसके कारण विद्यालय का बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं हो सका है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिले के कई अधिकारी इस विद्यालय का दौरा कर चुके हैं। स्कूल के आगे और पीछे के खतरे को देखते हुए हर हाल में प्रतिदिन हमें बच्चों से पहले आना पड़ता है, तो वहीं सभी बच्चों की घर वापसी भी सुनिश्चित करना होता है।

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