श्रीमद भागवत कथा:आचार्य ने कहा जो क्रोधादि विकारों से रहित हैं वह कन्हैया को अत्यंत प्रिय हैं

कराहल14 दिन पहले
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पर्तवाड़ा स्थित हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को कथा वाचक बटुक आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और रुक्मिणी विवाह की कथा का वर्णन किया। श्रीकृष्ण की माखन चोरी, व्योमासुर वध कर वायु एवं आकाश तत्व का शोधन जैसे मार्मिक प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभाेर कर दिया।

उन्होंने गोवर्धन पूजा में उन्होंने कहा कि यदि भगवान के भक्तों में विकार आ जाता हैं तो वे अपने भक्तों की रक्षा को उसके अहंकार के अंकुर को नष्ट कर देते हैं। इंद्रदेव का उदाहरण दिया और कहा एक बार उन्हें अहंकार हो गया था, तब श्री कृष्ण ने मार्ग दर्शन कर इंद्र की पूजा न कराकर गिरिराज की पूजा कराई थी। वही माखन चोरी के प्रसंग में बताया कि प्रभु माखन इसलिए खाते थे माखन माख और न से बना हैं।

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