मलेरिया-डेंगू जागरुकता अभियान चलाया:गोरसिया ने कहा खाली बर्तनों व टायरों में एकत्रित पानी न भरने दें, गड्ढों में जला हुआ ऑयल डालें

कराहल10 दिन पहले
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मलेरिया और डेंगू जागरुकता अभियान के तहत गांवों शनिवार को जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को डेंगू के बीमारी, लक्षण और उससे बचाव के बारे में जानकारी दी गई। जागरुकता कार्यक्रम पहेला और रीछी के उपस्वास्थ्य केंद्रों पर हुआ। इस दौरान एमपीडब्ल्यू और आशा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को घर-घर जाकर लार्वा सर्वे के बारे में भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर अशोक गोरसिया ने बताया कि डेंगू डेन वायरस से फैलने वाला संचारी रोग है जो संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है यह मच्छर दिन के समय प्रायः सुबह व शाम के समय काटता है।

डेंगू का कोई टीका या दवा नहीं है अतः एडीज मच्छर के काटने से बचाव एवं संक्रमित मच्छरों के लार्वा नष्ट करना ही एक मात्र उपाय है। एक बार शरीर में डेन वायरस का संक्रमण होने के बाद डेंगु बुखार के लक्षण 5-6 दिन बाद आता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं होती है ।

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